भारी वाहनों को किराये पर लेने के बहाने हड़पकर दूसरे राज्यों में बेचने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय ठग गिरोह का जांजगीर-चांपा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर दो जेसीबी, एक हाइवा, एक टाटा सफारी, महंगा मोबाइल फोन तथा अन्य सामग्री बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले तीन वर्षों से सुनियोजित ढंग से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पिपरसत्ती निवासी प्रदीप कुमार कोसले ने अपनी जेसीबी किराये पर देने के बाद उसके गायब हो जाने की शिकायत अकलतरा थाना में दर्ज कराई। आरोपियों ने आकर्षक किराये और अग्रिम भुगतान का प्रलोभन देकर वाहन अपने कब्जे में लिया और कुछ ही समय बाद मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गए। इतना ही नहीं, वाहन में लगा जीपीएस उपकरण भी निकालकर निष्क्रिय कर दिया गया।
शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सूचनाओं के आधार पर जांच प्रारंभ की। अनुसंधान में खुलासा हुआ कि गिरोह किरायानामा अथवा खरीद-बिक्री का झांसा देकर वाहन अपने कब्जे में लेता था और बाद में उन्हें दूसरे राज्यों में बेच देता था। पहचान छिपाने के लिए कई वाहनों के नंबर तक बदल दिए जाते थे।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने जेसीबी, ट्रेलर और ट्रैक्टर सहित कई भारी वाहनों को इसी तरीके से हड़पकर मध्यप्रदेश में खपाया। गिरोह के मुख्य संचालक भरत गुप्ता तथा उसके सहयोगी शिवम जायसवाल को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया। भरत गुप्ता के विरुद्ध पूर्व में भी वाहन ठगी से जुड़े मामले दर्ज होना सामने आया है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो जेसीबी, एक हाइवा, ठगी की रकम से खरीदी गई टाटा सफारी, सैमसंग गैलेक्सी एस-24 अल्ट्रा मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। जब्त संपत्ति का मूल्य लाखों रुपये बताया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों में तीरथराज कुर्रे, राहुल खांडे, सन्नी पाटले, शिवम जायसवाल और भरत गुप्ता शामिल हैं। सभी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस ने वाहन स्वामियों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा है कि वाहन किराये पर देने से पहले संबंधित व्यक्ति का समुचित सत्यापन अवश्य करें तथा जीपीएस जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं को सक्रिय रखें।
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