कोरबा विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी. एस. एक्ट) श्रीमती गरिमा शर्मा की अदालत ने अवैध मादक पदार्थ गांजा रखने और बेचने के आरोपी सलीम मोहम्मद को दोषी करार देते हुए दो साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 10,000 रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन मामले के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई 23 मई 2025 को आबकारी वृत्त
कोरबा दक्षिण के अमले द्वारा की गई थी। मुखबीर से मिली सटीक सूचना के आधार पर आबकारी उप निरीक्षक मुकेश पाण्डेय ने करतला थाना अंतर्गत ग्राम नोनबिर्रा में रहने वाले आरोपी सलीम मोहम्मद (48 वर्ष) के रिहायशी मकान पर दबिश दी थी। गवाहों की मौजूदगी में जब संदेही के मकान की तलाशी ली गई, तो उसके शयन कक्ष में एक लाल पीले रंग के कपड़े के थैले के भीतर, प्लास्टिक की पॉलिथीन में छिपाकर रखा हुआ गांजा और तराजू बाट बरामद हुआ। बरामद मादक पदार्थ का कुल
वजन 1 किलो 200 ग्राम पाया गया, जो कि व्यावसायिक मात्रा से कम और अल्प मात्रा से अधिक की श्रेणी में आता है। आबकारी विभाग की टीम ने मामले में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मामले को न्यायालय में पेश किया था। जहां मामले की सुनवाई हुई और आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय ने मजबूती से साक्ष्यों को न्यायालय में पेश किया था। जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर दो वर्ष सश्रम कारावास व 10 हजार रुपए का अर्थदंड से दंडित किया है।
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