कोरबा / छत्तीसगढ़
जनपद पंचायत कोरबा के अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलकेजा में प्रधानमंत्री आवास योजना PMAY को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय किसान यूनियन के शिकायतकर्ता अरशद लारी ने पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों पर नियमों को ताक पर रखकर अपात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने और लाखों रुपये के शासकीय फंड के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। अरशद लारी और यूनियन के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद सीईओ को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम सभा की कार्यवाही में फेरबदल का आरोप
अरशद लारी की शिकायत के अनुसार, 18 जुलाई 2024 की ग्राम सभा में जिन लोगों को शासकीय नौकरी, पक्का मकान या पूर्व में आवास का लाभ मिलने के कारण अपात्र ठहराया गया था, उन्हें 14 अप्रैल 2026 की कथित फर्जी ग्राम सभा कार्यवाही के जरिए ‘पात्र दर्शा दिया गया।
48 अपात्रों के खाते में गई किस्त आरोप है कि इसी कथित फर्जी दस्तावेज के दम पर 23 जून 2026 को 48 से अधिक अपात्रों के बैंक खातों में ₹40-40 हजार की पहली किस्त ट्रांसफर करा दी गई।
अरशद लारी और यूनियन की मांग है, सरपंच तेरस बाई कंवर, सरपंच पति देवमूरत कंवर, सचिव नवीता दुबे और संबंधित पंचायत अधिकारियों पर तत्काल FIR दर्ज करने, पंचायत राज अधिनियम के तहत पद से बर्खास्त करने और बांटी गई संपूर्ण राशि की वसूली करने की मांग की है।



