कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा:- विकास की योजनाएं कुटेशर नगोई पंचायत में सिर्फ फाइलों और बैंक से राशि आहरण तक ही सीमित है और धरातल पर निर्माण या तो गायब या आधे- अधूरे पड़े हुए हैं। इस पंचायत में मूलभूत, 15वें वित्त, एसबीएम, नरेगा सहित विभिन्न मदों, योजनाओं की राशि को लेकर भ्रष्ट्राचार की ऐसी गाथा लिखी गई है, जिसने पूरे गांव को ठग लिया है और लूटने वाले वही हैं, जिन्हें गांव विकास का जिम्मा मिला।
जिले के जनपद पंचायत पोड़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत कुटेशर नगोई में पत्नी से पति तक भ्रष्ट्राचार की विरासत देखी जा रही है। पंचायत में तत्कालीन सरपंच श्रीमती अनिता ओड़े के कार्यकाल में ही मूलभूत और 15वें वित्त सहित अन्य योजनाओं की राशि मे जमकर बंदरबांट हुआ था। अब वर्तमान सरपंच नंदकिशोर ओड़े जो कि तत्कालीन सरपंच के पति हैं, इनके कार्यकाल में भी वही कहानी दोहराई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार सरपंच नंदकिशोर ओड़े व सचिव जयरतन कंवर मिलकर पंचायत को लूटने में लगे हैं। जहां पंचायत की बस्ती में नाली निर्माण के नाम पर 6 महीने पहले 2 लाख रुपए की राशि आहरण कर ली गई। लेकिन नाली निर्माण आज तक नही कराया गया। बरसात में गंदा पानी घरों में घुस रहा है और निर्माण का पता नही। वहीं प्राथमिक शाला की बाउंड्रीवाल बनाने के लिए 3.75 लाख रुपए निकाले गए। काम शुरू हुआ और एक साल से आधा- अधूरा छोड़ दिया गया है। बच्चें बिना बाउंड्री के स्कूल में पढ़ने को मजबूर हैं, सुरक्षा का कोई ठिकाना नही। प्राथमिक शाला निर्माण के बाद भीतर फर्श में टाइल्स भी नही लगाया गया और इसकी भी 1 लाख से अधिक की राशि हजम कर ली गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच- सचिव कागजों पर ग्राम विकास का इतिहास रच रहे हैं, धरातल पर सन्नाटा है। उनका कहना है, पंचायत जिम्मेदार अपनी मनमानी चला रहे हैं और ग्राम विकास की राशि से अपनी जेबें गरम कर रहे हैं। अनेक निर्माण कार्यों की राशि आहरित हो चुकी है, लेकिन उनमें से अधिकांश काम या नदारद हैं या अधूरे छोड़ दिये गए हैं। इससे गांव का विकास उपेक्षित हो चला है। ग्रामीणों की जिला प्रशासन से मांग है कि कुटेशर नगोई पंचायत में बीते पंचवर्षीय कार्यकाल से आज पर्यन्त सभी निर्माण कार्यों की भैतिक सत्यापन और वित्तीय जांच कराई जाए। साथ ही बिना निर्माण आहरण राशि व आधे- अधूरे निर्माण की राशि रिकवरी कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।



