कोरबा जिला
“कलेक्टर जनदर्शन” – प्रशासन का एक ऐसा मंच जहाँ आम जनता इस उम्मीद के साथ अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचती है कि साहब सुनेंगे तो हल ज़रूर निकलेगा। लेकिन जब कलेक्टर जनदर्शन में की गई मांग ही फाइलों की धूल फाँकने लगें, तो आम आदमी अपनी गुहार लेकर आखिर कहाँ जाए? ऐसा ही एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ बिजली व्यवस्था की बदहाली से तंग आकर ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत पर पूरे एक साल बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

बताते चले की कोरबा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम दरगा सरडीह खुर्रीभौना बगधरीडांड लालमाटी ढाबाडांड फूलवारी में पिछले करीब 50-60 वर्षों से विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा आदिवासी निवास करते हैं यहां रहने वाले सभी लोगों ने सरपंच और जनपद सदस्य की माध्यम से पिछले वर्ष 2 /6 2025 को कलेक्टर जनदर्शन में बिजली की मांग की थी लेकिन आज तक यहां बिजली के एक खंभे भी नहीं लगाई जा सके हैं कोई भी बेहतर व्यवस्था नहीं की जा सकती है इससे साफ जाहिर होता है कि कलेक्टर जनदर्शन में केवल आवेदन लेकर आश्वासन दिया जाता है की तौरित निराकरण किया जाता है लेकिन आज 1 साल भी जाने के बाद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है इससे गांव के रहवासी व जनप्रतिनिधि असंतुष्ट नजर आ रहे हैं
उम्मीद से गये थेआवेदन,देने मिली सिर्फ तारीखें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में करीब 50 60 वर्षों से अंधेरे में रह रहे राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र इनकी शुद्ध लेने वाला कोई नहीं जनर्दशन में मांग करने के बाद आज तक कोई पहल नहीं की जा सकी है जिससे ग्रामीण आज भी अंधेरे में बिना बिजली के अपना जीवन यापन करने के लिए मजबूर हैं जहां गांव के जनप्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर कभी इस दफ्तर तो कभी उसे दफ्तर के चक्कर लग रहे है
जनदर्शन के उद्देश्य पर खड़े हो रहे सवाल शासन प्रशासन इस खबर को संज्ञान में लेकर ग्रामीणों की समस्या में सुधार करती है या नहीं





























