शिकायतकर्ता: समस्त क्षेत्रवासी, बजरंग चौक, राताखार, जिला कोरबा (छ.ग.)
मुख्य विषय: कबाड़ माफिया द्वारा सरकारी सील तोड़कर पुनः अवैध कारोबार संचालित करने तथा पूर्व आवेदनों को अधिकारियों द्वारा बिना धरातलीय जांच के केवल पुरानी कार्रवाई का हवाला देकर बंद करने एवं निष्क्रियता के संबंध में।
1. पूर्व में हुई कार्रवाई का संदर्भ
राजस्व विभाग (नायब तहसीलदार) एवं पुलिस प्रशासन द्वारा संबंधित अवैध गोदाम को आधिकारिक रूप से सील किया गया था।
2. वर्तमान मुख्य समस्या एवं अधिकारियों की लापरवाही
सरकारी सील का उल्लंघन: असामाजिक तत्वों द्वारा सरकारी सील को अवैध रूप से तोड़कर पुनः उसी स्थान पर गैस कटर से लोहे की कटिंग और अवैध कारोबार बड़े स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
पुरानी कार्रवाई दिखाकर आवेदन बंद करने का खेल: स्थानीय प्रशासन को जब भी इस विषय में दोबारा शिकायत की जाती है, तो धरातल पर जाकर वर्तमान स्थिति की कोई जांच नहीं की जाती। जिम्मेदार अधिकारी केवल “पूर्व में सील की जा चुकी है” की पुरानी कार्रवाई का हवाला देकर और वहीं पुरानी रिपोर्ट अटैच करके नए आवेदनों को बंद कर देते हैं, जबकि धरातल पर माफिया का धंधा आज भी बेधड़क चालू है।
सुरक्षा का संकट: कबाड़ माफिया द्वारा विरोध करने पर स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी जा रही है। स्थानीय पुलिस की इस निष्क्रियता के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और क्षेत्र में भय व असुरक्षा का माहौल है।
3. संलग्न प्रमाण (Attachments)
शिकायत की सत्यता हेतु पूर्व आवेदनों के स्क्रीनशॉट, नगर निगम के लिखित जवाब की प्रति, पूर्व में सील किए जाने की फोटो तथा वर्तमान में चल रहे अवैध कार्य (गैस कटिंग और ट्रकों की आवाजाही) की टाइमस्टैम्प (Timestamp) सहित लाइव तस्वीरें इस आवेदन के साथ संलग्न हैं।
हमारी अपेक्षाएं
1. सरकारी सील तोड़ने और कानून का मजाक उड़ाने वाले कबाड़ माफिया के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
2. इस अवैध गोदाम को स्थायी रूप से ध्वस्त/बंद कराया जाए।
3. सबसे महत्वपूर्ण, उन लापरवाह अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए जिन्होंने बिना ग्राउंड वेरिफिकेशन किए, केवल पुरानी कार्रवाई का हवाला देकर नागरिकों की नई शिकायतों को आंख मूंदकर फाइल में बंद कर दिया है।


























