आईडी नंबर 552003046
कोरबा जिले की कनवरी पंचायत क्षेत्र का मामला
ग्रामीण इलाकों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। गाँव में सरकारी राशन वितरण को लेकर पहले तो बकायदा ढोल बजाकर (मुनादी) सूचना दी गई कि राशन का वितरण किया जाएगा। लेकिन जब इस सूचना पर भरोसा कर भारी संख्या में गरीब हितग्राही राशन दुकान पहुंचे, तो वहाँ ताला लटका मिला। दुकान संचालक मौके से नदारद था, जिसके बाद ग्रामीणों को बिना राशन लिए ही बैरंग लौटना पड़ा।
सुबह से ही लग गई थी कतारें
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, राशन दुकान संचालक द्वारा गाँव में मुनादी कराई गई थी कि आज राशन का वितरण किया जाएगा कहकर। मुनादी करादी जाती है लेकिन जब हितग्राही पहुचते हैं तो वहां ताला लटका हुआ मिलता है कई मजदूर अपनी मजदूरी छोड़कर और महिलाएं अपने घर का काम निपटाकर सुबह ही राशन दुकान के सामने लाइन में आकर खड़ी हो गईं। लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद भी न तो दुकान खुली और न ही संचालक का कोई अता-पता चला।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से चना शक्कर भी नहीं मिला है जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा सकता है घंटों धूप में खड़े रहने के बाद जब राशन नहीं मिला, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि:
एक तो पहले ही राशन समय पर नहीं मिलता।
ऊपर से मुनादी कराकर बुलाने के बाद इस तरह परेशान करना सरासर गलत है।
कई बुजुर्ग और महिलाएं भूखे-प्यासे दुकान के बाहर बैठे रहे, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था।
”हम अपनी दिहाड़ी मजदूरी छोड़कर राशन लेने आए थे। अगर दुकान नहीं खोलनी थी, तो गाँव में मुनादी करवाकर हमें परेशान क्यों किया गया? हमारी एक दिन की मजदूरी का नुकसान कौन भरेगा?”
पीड़ित ग्रामीणों शासन से गुहार लगाई की हमें समय पर राशन उपलब्ध कराई जाए और ऐसे पीडीएस दुकान संचालक के ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए जो साल भर से हितग्राहियों का चना शक्कर दबाकर बैठे हैं


