कोरबा, 21 फरवरी 2026। जिले में रेत की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की कमी नहीं है। प्रशासन द्वारा स्वीकृत खदानों और भंडारण स्थलों के माध्यम से पूरे कोरबा जिले, विशेषकर रामपुर विधानसभा क्षेत्र में रेत की आपूर्ति व्यवस्थित एवं पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी है।
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोरबा जिले में कुल 20 रेत खदानें विधिवत स्वीकृत हैं। इसके अतिरिक्त 3 नई रेत खदानों को ई-नीलामी के माध्यम से आबंटित किया गया है। जिले में 15 अस्थायी रेत भंडारण अनुज्ञाएं भी स्वीकृत हैं, जिनके माध्यम से निर्माण कार्यों के लिए नियमित आपूर्ति की जा रही है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि स्वीकृत स्रोतों से रेत की उपलब्धता पर्याप्त है और किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी की स्थिति नहीं है।
रामपुर क्षेत्र में 12 स्वीकृत खदानें
रामपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 12 रेत खदानें स्वीकृत हैं। इसके अतिरिक्त तरईमार और कछार (चोरभठ्ठी) की 2 नई खदानों को ई-नीलामी के माध्यम से आबंटित किया गया है, जिनकी स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। इस क्षेत्र में 8 अस्थायी रेत भंडारण अनुज्ञापत्र भी स्वीकृत हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
अवैध गतिविधियों पर सख्ती
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। जिले में अब तक अवैध परिवहन के 264, अवैध उत्खनन के 21 और अवैध भंडारण के 10 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में कुल ₹73,73,012 की राशि समझौता शुल्क के रूप में वसूल की गई है। यह कार्रवाई प्रशासन की सक्रियता और सख्ती को दर्शाती है।
टास्क फोर्स की सतत निगरानी
खनिज, वन, पुलिस, परिवहन और राजस्व विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टास्क फोर्स द्वारा नियमित निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है। रामपुर क्षेत्र के उरगा, कुदुरमाल, बरपाली, करतला, नोनबिर्रा सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। समिति द्वारा रेत के साथ-साथ कोयला, मुरूम/मिट्टी, गिट्टी और अन्य खनिजों के अवैध दोहन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध खनन या परिवहन की गतिविधि दिखाई दे, तो तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें। प्रशासन का कहना है कि खनिज संसाधनों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
प्रशासन की सतत कार्रवाई और निगरानी से स्पष्ट है कि कोरबा जिले में रेत की आपूर्ति व्यवस्थित रूप से जारी है तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। जिले में पारदर्शी और नियमानुसार खनन व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन प्रतिबद्ध है।




















