अवैध निर्माण ढहाने में भी ‘चेहरा’ देखता है कोरबा का अमला, रज्जाक अली पर सिंघम बनने वाले अफ़सर, कानपुर बिरयानी वाले के आगे भीगी बिल्ली क्यों बने?
कोरबा DM साहब का आदेश या रद्दी का टुकड़ा? जनदर्शन की फाइल दबाकर बैठे तहसीलदार,आखिर कानपुर बिरयानी के रसूख के आगे क्यों कांप रही है राजस्व की कलम?
कलेक्टर के निर्देश को ठेंगा, आरामशीन मार्ग पर नियमों का कत्लेआम, आखिर किस ‘बड़े साहब’ के इशारे पर तहसीलदार कार्यालय बना अवैध निर्माण का ढाल?
कोरबा में सुशासन का जनाजा, सरकारी जमीन पर 22 लाख की डील और युद्ध स्तर पर निर्माण, फिर भी तहसील की फाइलों में पसरा है ‘रहस्यमयी सन्नाटा’?
फाइलें रेंगती रहीं, कॉम्प्लेक्स तनता रहा, कोरबा नगर निगम और नजूल की आँखों पर बंधी रसूख की पट्टी, सुशासन को सरेआम दी जा रही चुनौती l
तहसीलदार के बंधे हाथ या बंधी मुट्ठी? सबूतों के बाद भी ‘काम रोको’ का नोटिस न जारी होना किसी बड़े खेल की ओर इशारा करता है।
अंधा कानून, बहरा अमला, बिना NOC मुख्य मार्ग पर खड़ी हो गई इमारत, लेकिन निगम का उड़नदस्ता रास्ता भूल गया।
* *हैसियत देखकर कार्रवाई की नीति:* छोटे अतिक्रमणकारियों पर तुरंत गरजने वाला सरकारी बुलडोजर, लाखों की डील करने वाले रसूखदार के सामने पंचर क्यों?
बने रहिए हमारी अगली ख़बर में




