कोरबा। शहर का व्यस्ततम इलाका ‘इतवारी बाजार चौक’ इन दिनों आम नागरिकों के लिए दहशत का केंद्र बनता जा रहा है। कभी व्यापार और चहल-पहल के लिए जाना जाने वाला यह चौक अब अवैध सट्टा कारोबार, नशे के अवैध व्यापार और असामाजिक तत्वों का मुख्य अड्डा बन चुका है। स्थानीय निवासी विशाल साहू और व्यापारियों का कहना है कि यहाँ दिन-रात अपराधियों का जमघट लगा रहता है, जिससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
खुलेआम फल-फूल रहा है सट्टा और नशे का काला कारोबार
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इतवारी बाजार चौक और उसके आसपास के सुनसान कोनों में अवैध सट्टा खाईवाल खुलेआम सक्रिय हैं। युवाओं को चंद पैसों का लालच देकर इस दलदल में धकेला जा रहा है। इसके साथ ही, प्रतिबंधित नशीली दवाइयों, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री यहाँ धड़ल्ले से हो रही है। नशे की गिरफ्त में आकर क्षेत्र के युवा अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं, और नशे की लत को पूरा करने के लिए चोरी, छिनतई जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
असामाजिक तत्वों का डेरा, महिलाओं का निकलना हुआ दूभर
शाम ढलते ही इतवारी बाजार चौक पर अपराधियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। सरेराह गाली-गलौज, मारपीट और राहगीरों से बदसलूकी यहाँ की रोज की कहानी बन चुकी है। सबसे बुरा असर स्थानीय महिलाओं, युवतियों और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है, जिनका इस रास्ते से सुरक्षित गुजरना भी अब दूभर हो गया है।
स्थानीय लोगों का दर्द: “यहाँ सुरक्षा नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि विरोध करने पर सीधे जान से मारने की धमकी दी जाती है। आखिर कब तक हम इस खौफ के साए में जिएंगे?”
प्रशासन मौन क्यों? जनता पूछ रही सवाल
इतवारी बाजार चौक में बढ़ रही इन आपराधिक गतिविधियों ने प्रशासन की गश्त और खुफिया तंत्र पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर किसकी शह पर यह अवैध कारोबार इतने बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है? प्रशासन की सुस्ती के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, जिससे आम जनता में भारी आक्रोश है।
बड़ा सवाल: कब जागेगा प्रशासन, कब होगी कड़ी कार्रवाई?
इतवारी बाजार की त्रस्त जनता अब सीधे प्रशासन के आला अधिकारियों से गुहार लगा रही है कि:
चौक पर तत्काल स्थायी पुलिस गश्त की व्यवस्था की जाए।
सट्टा और नशे के मुख्य सौदागरों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
क्षेत्र को अपराधियों से मुक्त कराकर आम नागरिकों को भयमुक्त माहौल दिया जाए।
अब देखना यह है कि इस गंभीर स्थिति को देखने के बाद भी प्रशासन गहरी नींद में सोया रहता है, या फिर अपराधियों के खिलाफ कोई ठोस और जमीनी कार्रवाई कर इतवारी बाजार चौक को इस कलंक से मुक्ति दिलाता है।

