कोरबा। सीतामढ़ी क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर खनिज विभाग की कार्रवाई के बावजूद तस्वीर बदलती नजर नहीं आ रही है। 9 वाहनों की जब्ती के बाद सामने आए ताजा वीडियो में फिर बड़ी संख्या में वाहन रेत घाट क्षेत्र में दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में नदी किनारे रेत के मैदान में ट्रैक्टर समेत कई वाहन और लोगों की गतिविधियां नजर आ रही हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब इसी क्षेत्र में कार्रवाई कर वाहन जब्त किए जा चुके हैं, तो उसके बाद भी वाहनों की आवाजाही आखिर कैसे जारी है?
कार्रवाई हुई, फिर भी क्यों नहीं लगा ब्रेक?
एक तरफ खनिज विभाग अवैध उत्खनन और परिवहन पर कार्रवाई का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ सामने आया यह वीडियो जमीनी निगरानी व्यवस्था की पोल खोलता नजर आ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल—क्या कार्रवाई के बाद भी घाट पर लगातार निगरानी नहीं हो रही?
क्या वाहन संचालकों में कार्रवाई का भय खत्म हो गया है?
और यदि प्रतिबंधित क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही जारी है, तो जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
अब सिर्फ जब्ती नहीं, जवाब भी जरूरी
सीतामढ़ी घाट से सामने आया ताजा वीडियो प्रशासन के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन पर रोक है, तो वहां पहुंचने वाले वाहनों की नियमित जांच और निगरानी क्यों नहीं हो रही?
एक दिन कार्रवाई और अगले ही दिन फिर वही नजारा—आखिर यह सिलसिला कब रुकेगा?
अब जरूरत है कि प्रशासन और खनिज विभाग वीडियो की जांच कर मौके का सत्यापन करें, जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई करें और घाट की निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाएं।
सीतामढ़ी घाट का सवाल सीधा है—कार्रवाई के बाद भी अगर वाहन पहुंच रहे हैं, तो निगरानी में चूक कहां हो रही है?
SN इंडिया न्यूज की नजर
अब देखना होगा कि इस वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है।



