कोरबा जिले में फ्लाई ऐश के उपयोग, परिवहन और निपटान को लेकर प्रशासन ने अब निगरानी और कड़ी करने के निर्देश दिए हैं। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी फ्लाई ऐश अधिसूचना 31 दिसंबर 2021 के प्रावधानों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले में संचालित विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ फ्लाई ऐश परिवहनकर्ताओं को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि फ्लाई ऐश का उपयोग, परिवहन और निपटान निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
केवल पंजीकृत वाहनों से होगा फ्लाई ऐश का परिवहन
बैठक में ताप विद्युत संयंत्रों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि संयंत्रों से निकलने वाली फ्लाई ऐश का परिवहन आईडब्ल्यूएमएमएस पोर्टल में पंजीकृत वाहनों के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही संयंत्र प्रबंधन को फ्लाई ऐश के परिवहन और उसके उपयोग की पूरी प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि फ्लाई ऐश के परिवहन के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिले में फ्लाई ऐश को यत्र-तत्र या अनुपयुक्त स्थानों पर अवैध रूप से डम्प किए जाने की स्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा।
अवैध डम्पिंग मिली तो संयंत्र प्रबंधन की भी तय होगी जवाबदेही
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कहीं अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग पाई जाती है तो संबंधित ताप विद्युत संयंत्र के प्रबंधन की जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित करने की कार्रवाई की जाएगी।
इतना ही नहीं, अवैध डम्पिंग में इस्तेमाल किए गए वाहनों तथा इस कार्य में संलग्न फर्म अथवा एजेंसी के विरुद्ध भी नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिले में यत्र-तत्र डम्पिंग रोकने पर जोर
प्रशासन ने अवैध फ्लाई ऐश डम्पिंग पर तत्काल प्रभाव से प्रभावी रोक लगाने तथा इसके परिवहन एवं निपटान की व्यवस्था की कड़ाई से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में संयंत्र प्रबंधन को अपनी जिम्मेदारी के तहत फ्लाई ऐश के सुरक्षित और नियमसम्मत प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
कलेक्टर ने कहा कि फ्लाई ऐश का सुरक्षित एवं नियमानुसार प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए जिले के सभी संबंधित ताप विद्युत संयंत्रों को निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा और अवैध डम्पिंग की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए।
बैठक में अधिकारी और परिवहनकर्ता रहे मौजूद
बैठक में अपर कलेक्टर श्री देवेन्द्र पटेल, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल कोरबा के क्षेत्रीय अधिकारी श्री प्रसन्ना सोनकर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री अतुल असैया सहित जिले में संचालित विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि तथा फ्लाई ऐश परिवहनकर्ता उपस्थित रहे।
प्रशासन के इन निर्देशों के बाद अब फ्लाई ऐश के परिवहन, उपयोग और निपटान की निगरानी व्यवस्था पर विशेष नजर रहेगी। खास तौर पर अवैध डम्पिंग सामने आने पर संबंधित संयंत्र, परिवहनकर्ता और एजेंसी की जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई है



