कोरबा/पाली:- पाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत हरनमुड़ी में शासन की दो महत्वपूर्ण कड़ियां ही गायब हैं। पहला ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (ग्राम सेवक) गायत्री देवी भैना गत एक साल से और पटवारी भूपेंद्र नवरंग पिछले 6 माह से गांव में नहीं आए हैं। जिसके चलते किसानों और स्कूली छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और शासन की योजनाएं कागजों में ही सिमट कर रह गई हैं।
ग्राम हरनमुड़ी पटवारी के नदारद रहने से दर्जनों किसानों के भूमि संबंधी कार्य जैसे सीमांकन, नामांतरण, ऋण पुस्तिका के काम पूरी तरह ठप पड़े हैं। वहीं स्कूली छात्रों को जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और दूरी प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के लिए दर- दर भटकना पड़ रहा है। कई छात्रों की छात्रवृत्ति और प्रवेश की प्रक्रिया इसी वजह से अटकी हुई है। वहीं दूसरी ओर ग्राम सेवक के एक साल से गायब रहने से किसानों को कृषि विभाग की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने बताया कि इस समय उनके खेतों में लगी धान की फसल में कीट- पतंगे और अन्य रोग लग रहे हैं। लेकिन ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी नहीं होने से उन्हें यह जानकारी ही नहीं मिल पा रही कि बचाव के लिए कौन सी दवा या खाद का उपयोग करें। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि शासन की ओर से मिलने वाले निशुल्क दलहन, तिलहन बीज का वितरण पिछले एक साल से गांव के किसी भी किसान को नहीं किया गया है। जिससे वे उन्नत खेती से वंचित रह गए।
सरपंच का फूटा गुस्सा, ग्रामीणों में रोष
इस लापरवाही को लेकर ग्राम पंचायत हरनमुड़ी की सरपंच श्रीमती मथुरा नानू जगत ने कड़ी नाराजगी जताई है। सरपंच ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यजनक है कि पटवारी पिछले 6 महीने से और हमारी ग्राम सेवक पिछले एक साल से गांव में कदम तक नहीं रखी हैं। कई बार फोन करने पर भी जवाब नहीं मिलता। किसान, छात्र रोज मेरे पास अपनी समस्या लेकर आते हैं, लेकिन मेरे पास भी कोई जवाब नहीं है। हम सरपंच क्या करें जब कर्मचारी ही नहीं आएंगे। मैं अब इसकी लिखित शिकायत कलेक्टर साहब से करूंगी। ग्रामीणों में भी दोनों कर्मचारियों के कार्यप्रणाली को लेकर भारी रोष व्याप्त है और उन्होंने भी मांग की है कि जिला प्रशासन इस मामले को संज्ञान में लेकर तत्काल दोनों लापरवाह कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई करते हुए और गांव में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करे, ताकि किसानों और छात्रों का भविष्य बर्बाद होने से बच सके।


