सूरजपुर। प्रधान आरक्षक की पत्नी एवं नाबालिग पुत्री की निर्मम हत्या के बहुचर्चित मामले में माननीय जिला एवं अपर सत्र न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट), सूरजपुर ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को मृत्युदण्ड तथा एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। माननीय न्यायालय द्वारा यह निर्णय दिनांक 08 अक्टूबर 2026 को प्रकरण में प्रस्तुत वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया।
प्रकरण में थाना सूरजपुर में आरोपी कुलदीप साहू, फुल सिंह उर्फ रिंकू, आर्यन उर्फ गोल्डी विश्वकर्मा एवं चन्द्रकांत चौधरी के विरुद्ध विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी सूरजपुर निरीक्षक विमलेश दुबे द्वारा की गई। विवेचना के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी कर प्रकरण में पुख्ता साक्ष्य एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए गए तथा विधिसम्मत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय सूरजपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
माननीय न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा
प्रकरण की सुनवाई विद्वान न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट), सूरजपुर के न्यायालय में हुई। विशेष लोक अभियोजक श्री सुरेश कुमार शर्मा द्वारा प्रकरण का संचालन किया गया। सुनवाई पूर्ण होने के पश्चात न्यायालय ने अपराध सिद्ध पाए जाने पर निम्नानुसार दंडादेश पारित किया।
1. आरोपी कुलदीप साहू, पिता अशोक साहू, उम्र 25 वर्ष को धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत मृत्युदण्ड एवं ₹25,000 अर्थदण्ड तथा धारा 70(1) बीएनएस के तहत मृत्यु पर्यन्त कारावास एवं ₹20,000 अर्थदण्ड से दंडित किया गया। इसके अतिरिक्त धारा 331(8) बीएनएस एवं धारा 61(2) बीएनएस के तहत आजीवन कारावास, धारा 238(ए) बीएनएस के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास तथा छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड भी लगाया गया।
2. आरोपी फुल सिंह उर्फ रिंकू, पिता स्वर्गीय गणपत सिंह, उम्र 28 वर्ष तथा 3. आरोपी चन्द्रकांत चौधरी, पिता शिवप्रसाद चौधरी, उम्र 28 वर्ष को धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत मृत्युदण्ड एवं ₹25,000 अर्थदण्ड तथा धारा 70(1) बीएनएस के तहत मृत्यु पर्यन्त कारावास एवं ₹20,000 अर्थदण्ड से दंडित किया गया। इसके अतिरिक्त दोनों आरोपियों को धारा 331(8) एवं धारा 61(2) बीएनएस के तहत आजीवन कारावास तथा धारा 238(ए) बीएनएस के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
4. आरोपी आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी, पिता संजय विश्वकर्मा, उम्र 20 वर्ष को धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत आजीवन कारावास एवं ₹20,000 अर्थदण्ड से दंडित किया गया। इसके अतिरिक्त धारा 331(8) एवं 49 बीएनएस के तहत आजीवन कारावास, धारा 238(ए) बीएनएस के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास तथा धारा 61(2) बीएनएस के तहत आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
इस प्रकरण में पुलिस द्वारा की गई विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन एवं न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपियों के विरुद्ध अपराध सिद्ध पाया और दंडादेश पारित किया।
सूरजपुर पुलिस गंभीर अपराधों की विवेचना में साक्ष्य संकलन, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं प्रभावी अभियोजन के माध्यम से पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।


