लखनऊ/रायपुर। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिसकर्मियों के कल्याण और सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। 21 अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिसकर्मियों के विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा की। उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक सूचना विभाग ने भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम और पुलिसकर्मियों के बलिदान को लेकर जारी संदेश की पुष्टि की है। 
मुख्यमंत्री की घोषणाओं के मुताबिक पुलिसकर्मियों का वर्दी भत्ता ₹6,500 से बढ़ाकर ₹15,000 किया गया है। वहीं मोटरसाइकिल भत्ता ₹700 से बढ़ाकर ₹1,000 और सिम कार्ड भत्ता ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 किए जाने की बात सामने आई है।
इन घोषणाओं को पुलिसकर्मियों की ड्यूटी से जुड़ी आवश्यकताओं और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब छत्तीसगढ़ के पुलिसकर्मियों की ओर भी उठी उम्मीद की नजर
उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मियों के लिए हुई इन घोषणाओं के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी यह सवाल चर्चा में आ सकता है कि क्या राज्य सरकार अपने पुलिस जवानों के लिए इसी तरह की कल्याणकारी घोषणाएं करेगी?
छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान भी दिन-रात कानून-व्यवस्था संभालने, वीआईपी ड्यूटी, अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, त्योहारों की सुरक्षा और आपात परिस्थितियों में लगातार ड्यूटी करते हैं। कई बार पुलिसकर्मियों को लंबी ड्यूटी, लगातार फील्ड ड्यूटी और अपने निजी संसाधनों के इस्तेमाल जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में अगर छत्तीसगढ़ सरकार भी वर्दी भत्ता, वाहन/मोटरसाइकिल भत्ता, मोबाइल-सिम भत्ता सहित पुलिसकर्मियों से जुड़े अन्य कल्याणकारी भत्तों की समीक्षा कर बढ़ोतरी करती है, तो इससे पुलिस बल के कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सकती है।
जवानों का मनोबल बढ़ाने वाली होगी ऐसी पहल
पुलिसकर्मी जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हैं। इसलिए उनके काम की प्रकृति को देखते हुए समय-समय पर सुविधाओं और भत्तों की समीक्षा किया जाना महत्वपूर्ण विषय है।
उत्तर प्रदेश की घोषणा के बाद अब छत्तीसगढ़ के पुलिसकर्मियों के बीच भी यह उम्मीद स्वाभाविक है कि सरकार उनके हित में ऐसी कोई बड़ी घोषणा करे। यदि छत्तीसगढ़ में भी पुलिसकर्मियों के भत्तों और सुविधाओं में बढ़ोतरी की पहल होती है, तो यह निश्चित तौर पर जवानों के लिए राहत और उत्साह का विषय बन सकती है।
सवाल अब यही है—उत्तर प्रदेश के बाद क्या छत्तीसगढ़ में भी पुलिसकर्मियों के कल्याण को लेकर सरकार कोई बड़ा फैसला करेगी?


