भाजपा के वरिष्ठ कद्दावर आदिवासी नेता पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने अपने ही भाजपा की सरकार व प्रशासन के विरुद्ध धरने पर बैठने का एलन कर दिया है। जिससे राजनितिक गलियारों में हल चल मची हुई है। एक ओर कांग्रेस शासन काल के तमाम भ्रष्टाचार को उजागर कर छत्तिसगढ़ प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने में ननकी राम कंवर द्वारा उठाये गए भ्रष्टाचार के कारण सरकार बनाने का श्रेय पूरा प्रदेश ननकी राम कंवर को देता है । ननकी राम कंवर ने पी.एस.सी. घोटाला, कोयला घोटाला, डी.एम.एफ घोटाला, शराब घोटाला, सी.जी.एम.एस.सी. दवाई खरीदी घोटाला, महादेव सट्टा एप घोटाला, जल जीवन मिशन घोटाला सहित अनेको कांग्रेस शासन काल के घोटाले के संबंध में केंद्र सरकार से शिकायत देकर केंद्र सरकार के संज्ञान में लाकर केंद्र की एजेंसी ने बड़ी कार्यवाही की जिसके कारण भ्रष्टाचार विरोधी नीति के कारण छत्तिसगढ़ प्रदेश में भाजपा के सरकार बन पाई थी, लेकिन अब ननकीराम कंवर अपने ही भाजपा की प्रदेश सरकार में हिटलर प्रशासक का दर्जा देते हुए कलेक्टर कोरबा अजित बसंत के विरुद्ध सैकड़ो भ्रष्टाचार और व्यक्ति विशेष को टारगेट कर दुर्भावना पूर्ण संवेधानिक अधिकार का दुरूपयोग कर लोक तंत्र में जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इन्हे प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री निवास के एक सचिव का संरक्षण मिल रहा है इसलिए सरकार के काम काज पर सवाल उठाना लाजिमी है। जनसंघ के ज़माने के वरिष्ठ नेता ननकी राम कंवर इन दिनों प्रदेश सरकार के काम काज से खुस नजर नहीं आ रहे है। ननकी राम कंवर ने कहा की मेरे द्वारा शिकायत करने पर मेरे से जुड़े मेरे क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओ को व्यक्ति विशेष को टारगेट में लेकर व्यक्तिगत कांग्रेश से जुड़े लोगो से शिकायत लिखवाकर नोटिस भेजना इनकी नीति है , मेरे एक कार्यकर्त्ता का राईस मिल सिल करवा दिया, कनकी में मेरे एक कार्यकर्त्ता का निजी भूमि में बना बाउंड्रीवाल को तोडवाकर उनका पेट्रोल पम्प को सिल करवा दिया गया, एक वरिष्ठ पत्रकार का बरसात के दिनों में व्यक्तिगत टारगेट कर उनका सिचाई कालोनी रामपुर में बना घर तोडवाकर उनके घरेलु सामान को जप्त कर लेना, अजित बसंत के कार्यकाल में बहुत बड़े बड़े भ्रष्टाचार हुआ जैसे 40000 स्व सहयता समूह की महिलाओ के साथ अरबो रूपये का ठगी हुआ लेकिन किसी भी पीडिता का कोई सहयोग व मदद कलेक्टर ने नहीं किया, मालगांव व रलिया में करोडो रूपये का फर्जी मुवाबजा बनवाया गया लेकिन दोषियों पर कोई कार्यवाही नहीं किया गया और वास्तविक भू विस्थापितों को बिना मुवाबजा दिए उनके जमीन और घर को प्राइवेट बाउंसर और पुलिस का सहयता लेकर तोडवा दिया गया, टोल प्लाजा मदनपुर में इनकी धर्म पत्नी को गाडी रोकने पर स्थानीय युवा कर्मचारियों को जेल भेजवा दिया गया अधीनस्थ न्यायालयों में दबाव देकर अपने अनुरूप गलत आदेश जारी कराना कोरबा में रेत चोरी , राखाड परिवहन धड़ल्ले से चल रहा है । डी.एम.एफ के करोडो रूपये को मुवाबजा वितरण के नाम पर विधि विरुद्ध खर्च कर दिया गया, बालको से साठ गाठ कर बालको को निजी लाभ दिलाने के लिए खनिज न्यास का करीब 29 करोड़ पैसा स्वीकृत कर दिया गया । इस तरह के सैकड़ो बड़े मामले मेरे जानकारी में आने के बाद छत्तिसगढ़ सरकार व केंद्र सरकार को शिकायत किया गया राज्य सरकार ने तो मेरे शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं लिया लेकिन केंद्र सरकार ने मेरे शिकायत की जाँच हेतु मुख्य सचिव छत्तिसगढ़ शासन, सचिव खनिज सहित संचालक खनिज विभाग को पत्र भेजा गया लेकिन एक भी नोटिस में कोई जाँच नहीं होना स्पष्ट है की भ्रष्टाचार करने वाले ऐसे कलेक्टर अजित बसंत जैसे हिटलर प्रशासक को छत्तिसगढ़ सरकार का संरक्षण मिल रहा है इसलिए ऐसे कलेक्टर जो हिटलर प्रशासन कोरबा में चला रहा है ऐसे कलेक्टर को 3 दिवस के भीतर सरकार ने कोरबा से अन्यत्र नहीं हटाया गया तो मै शासन प्रशासन के विरुद्ध धरने पर बैठूँगा इसके लिए सरकार पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा ननकी राम कंवर ने बतलाया की मैंने मुख्यमंत्री सहित, भाजपा प्रदेश संगठन, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय, सहित पुलिस मुख्यालय रायपुर को आज नोटिस भेज कर जानकारी दे दिया हूँ ।
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