कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा:- जिले के पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत कार्यालय से अनुचित लाभ कमाने का खेल जारी है। एक ओर आम निर्वाचन पंचायत चुनाव 2025 हेतु मतदाता सूची एवं अन्य प्रपत्रों की छायाप्रति के नाम पर चौहान टेलीकॉम से मिलीभगत कर बिना जीएसटी बिल के जरिये 3 लाख 86 हजार 760 रुपए का सन्देहास्पद भुगतान 15वें वित्त योजना की राशि से किये गए हैं, तो वहीं इस राशि से मिलने वाले ब्याज की राशि से भी स्टेशनरी के नाम पर मनमाने खर्च बताया गया है।
जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा में 15वें वित्त के ब्याज से प्राप्त राशि को कार्यालय उपयोग हेतु आवश्यक सामग्री क्रय किए जाने में खर्च किया गया है। चौहान टेलीकॉम पोड़ी उपरोड़ा से स्टेशनरी एवं डीएससी इत्यादि क्रय करने के नाम पर लाखों रुपए खर्च किया गया है। 15वें वित्त से जनपद स्तर/जिला स्तर का एमबी, टीएस एवं विविध फोटोकॉपी के अलावा पेन, गोंद, टैग, स्टेपलर, स्केल पट्टी एवं अन्य सामग्री, फाइल, फाइल पैड, रजिस्टर क्रय करने के नाम पर हजारों रुपए के बिल बनाए गए। 15वें वित्त की ब्याज राशि से 60 हजार से अधिक इन्होंने कंप्यूटर मरम्मत, प्रिंटर मरम्मत माउस, की- बोर्ड, नेट राउटर, प्रिंटर कार्टेज, नया लेजर प्रिंटर की खरीदी में खर्च कर दिए। एक राष्ट्र एक चुनाव की रजिस्ट्री के नाम पर ही 5130 रुपये का बिल बनाया गया। जिओ फाइबर फिटिंग एवं पांच माह का रिचार्ज में एकमुश्त 7200 रुपए खर्च किए गए। जीपीडीपी ऑफिस ऑनलाइन एंट्री कार्य में 37000 रुपये का व्यय किया गया और इन सभी का बिल 9 जून 2025 को बनाया गया। इसकी भी राशि 15वें वित्त योजना अंतर्गत प्रशासनिक मद से कार्यालय कार्य हेतु खर्च किया गया और सामान्य सभा की बैठक में इन सारे खर्चों का भुगतान के लिए प्रस्ताव भी पारित कर दिया गया। ऐसे में बड़ी आसानी से 15वें वित्त की राशि और उसके ब्याज की राशि से प्रशासनिक खर्चों के लिए राशि आहरण करने का प्रस्ताव पारित कर दिया जाना, यह बताने के लिए काफी है कि संभवत: बैठक में शामिल होने वाले जनप्रतिनिधि या तो गुमराह हो रहे हैं या फिर उन्हें सही तरीके से जानकारी नहीं है अथवा यह सब मिलीभगत से हो रहा है। जनपद सूत्रों के मुताबित पूर्व जनपद सीईओ खगेश कुमार निर्मलकर के कार्यकाल के बिलों का भी भुगतान किया गया है। 15वें वित्त के ब्याज की राशि से ही 7 लाख 70 हजार 974 रुपए व्यय किया गया है। हालांकि बैठक के प्रस्ताव में वित्त की राशि से कुछ विकास के कार्यों को भी मंजूरी दी गई लेकिन यह तो 15वें वित्त के कार्य का प्रमुख हिस्सा है। चौहान टेलीकॉम के द्वारा बिना जीएसटी नम्बर के जारी किए जा रहे विभिन्न बिलों के माध्यम से बड़ी वित्तीय अनियमितता, आर्थिक घोटाला को पूरी पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत में तत्कालीन सीईओ द्वारा अंजाम दिया गया है। विभागीय कर्मी खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं लेकिन वह भी इस बात को स्वीकारते हैं कि जो हुआ है वह गलत है। शासन के पैसों का दुरुपयोग हो रहा है जबकि क्षेत्र में विकास कार्यों को कराए जाने के लिए राशि की आवश्यकता लगातार बनी हुई है। विकास कार्यों पर ध्यान न देकर सिर्फ रूपयों की बंदरबांट पर ध्यान दिया जा रहा है।
इस बाबत चर्चा करने पर जनपद सीईओ ने कहा कि विस्तृत जानकारी के लिए दफ्तर में आकर मिलो। हालांकि उन्होंने संक्षेप में यह जानकारी जरूर दी कि जिस भुगतान की बात हो रही है वह मतदाता सूची की फोटोकॉपी आदि का भुगतान उनके कार्यकाल के पहले का है। जॉइनिंग के बाद उनकी डीएससी बनने में लगभग एक माह का वक्त लगा, इसके बाद ही उनके कार्यकाल का भुगतान प्रारंभ हुआ जिसमें पंचायत आम चुनाव के मतदाता परिचय पत्र की फोटोकॉपी व अन्य व्यय शामिल नहीं है। एक राष्ट्र एक चुनाव के संबंध में समस्त ग्राम सभा से प्रस्ताव मंगाकर उसकी रजिस्ट्री की राशि व्यय हुई है। वहीं एक औपचारिक चर्चा में जनपद के एक बाबू ने सपाट लहजे में कहा कि- इस तरह की खबरें तो छपती रहती हैं, ऐसी खबरों से हमारा क्या बिगड़ने वाला…..! वैसे यह बात संभव भी हो सकती है कि तत्कालीन सीईओ द्वारा किए गए 15वें वित्त की राशि में घोर अनियमितता के मामले को दबा दें या लीपापोती करा दें..?




