कोरबा। जिले के दोंदरो पंचायत अंतर्गत बेलाकछार प्राइमरी मिडिल स्कूल की हालत शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। यहां मध्यान्ह भोजन संचालित करने वाले महिलाओं के समूह का पिछले 10 वर्षों से नवीनीकरण नहीं किया गया है। इसके बावजूद समूह निरंतर कार्यरत है।
महिलाओं ने बताया कि बिना नवीनीकरण के ही वे मिड-डे मील योजना चला रही हैं, जबकि नियम अनुसार हर तीन साल में समूह का नवीनीकरण आवश्यक होता है। इस लापरवाही ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इधर स्कूल भवन की दशा भी बेहद चिंताजनक है। 10 से 12 वर्षों में ही भवन इस कदर जर्जर हो चुका है कि दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। ऐसे खस्ताहाल भवन में नन्हे-मुन्ने बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
चौंकाने वाली बात यह रही कि स्कूल के एचएम को भी राज्यपाल का नाम तक नहीं पता, जिससे यह सवाल उठता है कि जब शिक्षकों को ही बुनियादी जानकारी का अभाव है तो बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिलेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की जांच कर वेंडर और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा से खिलवाड़ न हो।





















