कोरबा। जिले में अवैध स्क्रैप/कबाड़ कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रतिबंध के बावजूद चोरी का कबाड़ खुलेआम खरीदा-बेचा जा रहा है और बड़े पैमाने पर जिले से बाहर भी भेजा जा रहा है, लेकिन पुलिस की पकड़ अब तक कमजोर साबित हो रही है। सूत्रों के अनुसार, बड़े कबाड़ियों ने आपस में मिलीभगत कर मार्केट पर कब्जा जमाने का खेल शुरू कर दिया है। फुटकर कबाड़ियों में यह अफवाह फैलाई जा रही है कि किसी व्यक्ति विशेष को राजधानी से कबाड़ का ठेका मिल गया है, इसलिए माल उसे ही बेचना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार यह कबाड़ी फेरी वालों से कम दाम में कबाड़ खरीदता है और ऊपर अधिक दर पर बेचकर भारी मुनाफा कमा रहा है, जिससे छोटे कबाड़ी दुकान बंद होने की कगार पर पहुंच रहे हैं।
एसपी के कड़े निर्देशों की उड़ रही धज्जियां
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिले में किसी भी तरह का अवैध कबाड़/स्क्रैप कारोबार नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद मानिकपुर, मुड़ापार, ईतवारी बाजार, दर्री, बालको, झगरहा, रजगामार, राताखार, खरमोरा सहित कई जगहों पर यह कारोबार धड़ल्ले से जारी है।
राताखार क्षेत्र में तो बड़ा कबाड़ यार्ड भी बनाया गया है। झगरहा और बालको क्षेत्र में भी कबाड़ कारोबार खूब सक्रिय है। शहर के विपरीत ध्रुवीय और बड़े कबाड़ी अब एकजुट हो गए हैं, जिससे मुखबिरी कमजोर पड़ गई है और पुलिस तक सूचनाएं नहीं पहुंच पा रहीं।
शासन को हो रहा भारी नुकसान
अवैध कबाड़ खरीद-बिक्री को संचालित करने वाले चोर निगम के लोहे के सौंदर्यीकरण सामान तक उखाड़कर बेच रहे हैं, जिससे शासन-प्रशासन को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके कारण शहर में अपराधिक प्रवृत्ति के लोग सक्रिय हो रहे हैं और कई अपराध भी इसी अवैध कारोबार के जरिए जन्म ले रहे हैं।
फर्जी बिलों के सहारे कबाड़ की निकासी
सूत्र बताते हैं कि कबाड़ माफिया पकड़े जाने पर फर्जी स्क्रैप बिल दिखाकर माल को वैध बताने का खेल भी कर रहे हैं। पहले भी जीएसटी चोरी, ई-वे बिल में धांधली जैसे मामलों का खुलासा हो चुका है। फर्जी बिलों की आड़ में भारी मात्रा में कबाड़ जिले से बाहर भेजा जा रहा है।
एसपी को दी गई है लिखित शिकायत
गुलाम मोहम्मद पिता हाजी अमीन निवासी पावर हाउस रोड ने पुलिस अधीक्षक को लिखित रूप से शिकायत देकर बताया है कि प्रतिबंध के बाद भी घरेलू कबाड़ की आड़ में चोरी का कबाड़ खपाया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि जिले में अवैध कबाड़ कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाए, दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो और थाना-चौकी स्तर पर जिम्मेदारों को जवाबदेह बनाया जाए।






