कोरबा जिले में पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी की गई ताज़ा तबादला सूची को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस फेरबदल पर सवाल उठाते हुए कुछ हलकों में आरोप लगाए जा रहे हैं कि महत्वपूर्ण थानों में नियुक्ति के दौरान जातिगत संतुलन को प्राथमिकता दी गई है।
तबादला सूची के तहत युवराज तिवारी को बालको थाना प्रभारी तथा मृत्युंजय पाण्डे को कुसमुंडा थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। दोनों ही थाने जिले के आर्थिक और प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील माने जाते हैं। इसी कारण इन पदस्थापनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूची जारी होते ही पुलिस विभाग के भीतर असंतोष की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, कई अधिकारी इन निर्णयों को लेकर असहज महसूस कर रहे हैं। वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस तबादले को लेकर बहस छिड़ गई है।
विवाद का केंद्र बिंदु यह है कि यह तबादला एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है या फिर किसी विशेष सामाजिक समीकरण को साधने की रणनीति। फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस तबादला सूची में आगे कोई संशोधन होता है या फिर मामला यूं ही राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बना रहता है।



