कोरबा//क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। ताजा मामले में एक नाबालिग बालक, जिसकी उम्र लगभग 15 वर्ष बताई जा रही है, को ट्रैक्टर चलाते हुए रेत का परिवहन करते हुए खुलेआम सड़क पर देखा गया। हैरानी की बात यह रही कि ट्रैक्टर चालक के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस था, न ही वाहन से संबंधित कोई वैध कागजात मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार, रेत का यह परिवहन बिना किसी रॉयल्टी पर्ची (रायटी पर्ची) के किया जा रहा था, जो स्पष्ट रूप से अवैध उत्खनन की ओर इशारा करता है। नियमों के अनुसार, रेत उत्खनन एवं परिवहन के लिए खनिज विभाग से अनुमति एवं रॉयल्टी पर्ची अनिवार्य होती है, लेकिन इस मामले में नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाबालिग द्वारा भारी वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। इसके बावजूद ट्रैक्टर चालक में प्रशासन या पुलिस का कोई डर भय नजर नहीं आया, जिससे यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर अवैध रेत माफिया को किसका संरक्षण प्राप्त है।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का धंधा फल-फूल रहा है, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। कभी-कभार की कार्रवाई केवल खानापूर्ति बनकर रह जाती है।
इस पूरे मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में यह और भी बड़े हादसों को न्योता दे सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, परिवहन विभाग एवं खनिज विभाग से मांग की है कि
नाबालिग वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए
अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जाए
दोषी ट्रैक्टर मालिकों और रेत माफियाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।






