कोरबा । औद्योगिक नगरी कोरबा के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह (पूर्व) परिसर से सुरक्षा में भारी चूक और नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। एक सजग नागरिक और पत्रकार द्वारा जिला कलेक्टर को जनदर्शन में शिकायत किया गया है। सीएसईबी चौक रेलवे लाइन के अत्यंत समीप मुकेश राजपूत नामक ठेकेदार द्वारा पूरी तरह अवैध रूप से दो कमरों का निर्माण कराया गया है।
लोहे का शेड और ऊपर हाईटेंशन तार बरसात में बड़े हादसे का डर है, यह निर्माण रेल हाईटेंशन तार से महज 3 मीटर नीचे विद्युत के सुचालक लोहे के शेड से किया गया है। विद्युत गृह और रेलवे ट्रैक के अत्यंत समीप होने के कारण यह पूरा क्षेत्र बेहद संवेदनशील माना जाता है। लोहे के इस अवैध ढांचे के कारण आगामी बरसात के दिनों में
करंट फैलने या कोई बड़ी दुर्घटना होने की शत-प्रतिशत आशंका बनी हुई है।
रेलवे और CEA के नियमों का सरेआम उलंघन
रेलवे एक्ट के सख्त नियमों के मुताबिक, रेलवे ट्रैक की सेंटर लाइन से 30 मीटर के दायरे में या रेलवे सीमा के भीतर किसी प्रकार का कच्चा या पक्का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित होता है। इसके बावजूद, बिना किसी अनापत्ति प्रमाण पत्र के सिग्नल केबिन पास कब्जा जमाया गया है। यह कृत्य सीधे तौर पर ट्रेनों का संचालन करने वाले लोको पायलटों की विजिबिलिटी से खिलवाड़ है द्य
स्थानीय सूत्रों से यह आरोप लगाया
गया है कि इन अवैध कमरों का उपयोग अनैतिक गतिविधियों और मद्यपान अड्डे के रूप में किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र का माहौल दूषित हो रहा है। ठेकेदार मुकेश राजपूत अपने रसूख और संयंत्र के कुछ स्थानीय गैर जिम्मेदार अधिकारियों के मूक संरक्षण बल पर इस अवैध निर्माण को अंजाम दिया है, जिसके चलते प्रबंधन इस गंभीर मामले पर आंखें मूंदे बैठा है।
कलेक्टर से सख्त और त्वरित कार्रवाई की मांग
लोकहित, सार्वजनिक सुरक्षा और नियमों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर से इस संवेदनशील क्षेत्र में बने अवैध निर्माण को तत्काल ढहाने की मांग की गई है।
साथ ही शासकीय परिसर में इस अवैध कृत्य को बढ़ावा देने वाले ठेकेदार और उसे संरक्षण देने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक व प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग किया गया है।


