कोरबा, 19 अवैध रूप से महुआ शराब बनाने एवं बिक्री करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास तथा 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट कटघोरा द्वारा 16 जून 2026 को सुनाया गया
प्राप्त जानकारी के अनुसार आबकारी वृत्त दर्री. गेवरा के प्रकरण क्रमांक 60/2025 में आरोपी संजय बिंझवार (42 वर्ष) निवासी ग्राम. दादरपारा (कूचेना), कुसमुंडा, जिला कोरबा के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी अपने घर के बड़ी में अवैध महुआ शराब लेकर बिक्री के उद्देश्य से घूम रहा है। सूचना के आधार पर आबकारी टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 8 लीटर महुआ शराब, 2.6 लीटर हाथभट्टी महुआ शराब, बिक्री के लिए रखे गए 300 पाउच तथा प्लास्टिक के डिब्बों में भरा लगभग 165 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया। बरामद सामग्री का उपयोग अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री में किया जाना पाया गया।
विवेचना के बाद पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में अभियोजन अधिकारी श्री गुलाब सिंह साहू ने प्रभावी पैरवी की। वहीं आबकारी विभाग की विवेचना अधिकारी श्रीमती विजिता रानू भगत द्वारा संकलित साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाया।
न्यायालय ने आरोपी को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के अंतर्गत दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। बताया गया कि आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के अन्य मामले भी दर्ज हैं और वह लगातार अवैध महुआ शराब के निर्माण एवं बिक्री की गतिविधियों में संलिप्त रहा है।



