कोरबा/पाली:- लोक निर्माण विभाग की निगरानी में बन रहे 1 करोड़ रुपये से अधिक के केराझरिया एफसीआई गोदाम से छिंदपारा होते हुए नगर के टीपीनगर मुख्यमार्ग तक 2 किलोमीटर का सीसी सड़क अब भ्रष्ट्राचार की नजीर बन गई है। फरवरी में होने वाले पाली महोत्सव के लिए बन रही इस सड़क में गुणवत्ता को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। सबसे शर्मनाक बात तो यह है कि खबरें प्रसारित होने, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाराजगी और घटिया काम पर अविलंब रोक लगाकर गुणवत्तापरख निर्माण के मांग के बाद भी प्रशासन और पीडब्ल्यूडी के कानों में जूं तक नही रेंग रही। नतीजा ठेकेदार के हौसले सातवें आसमान पर है।
पाली ब्लाक मुख्यालय से सटे ग्राम पंचायत केराझरिया स्थित एफसीआई गोदाम के पास से शुरू हुए इस निर्माण में चल रही अनियमितताओं को देखकर अब यही लग रहा है कि ठेकेदार को प्रशासन का मौन समर्थन प्राप्त है, तभी तो ठेकेदार बेखौफ होकर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। मानक 43 ग्रेड की जगह 33 ग्रेड घटिया सीमेंट का इस्तेमाल हो रहा, आसपास नदी- नालों से निकाली गई अवैध रेत को खुलेआम कांक्रीट में मिलाया जा रहा, न मुरुम बिछा न रोलर चला न वाइब्रेटर लगा, सीधे कच्ची जमीन पर कांक्रीट, 1 करोड़ के काम पर आज तक सूचना बोर्ड नही लगा। घटिया निर्माण को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की नाराजगी और गुणवत्तापरख काम कराने की मांग को भी अनदेखा किया गया। गौरतलब हो कि यह सड़क विशेष रूप से फरवरी में ब्लाक मुख्यालय में होने वाले 2 दिवसीय पाली महोत्सव में आने वाले अतिथियों के लिए बनाई जा रही है। प्रशासन ने कार्यक्रम की शान के लिए रुचि तो दिखाई, लेकिन गुणवत्ता को लेकर आंख मूंद ली और मानो तय कर लिया हो- काम कैसे भी हो, बस महोत्सव तक निपट जाए। गुणवत्ताहीन निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर छोटे- बड़े सभी वाहन चलेंगे। जिस तरह कमजोर सामाग्री और बिना बेस के निर्माण हो रहा है, उससे सड़क की उम्र 6 महीने से ज्यादा नही होगी। उनका कहना है अन्य निर्माण में सक्रियता दिखाने वाला प्रशासन इस 1 करोड़ के काम पर निष्क्रिय क्यों है? क्या वीआईपी गाड़ियां इस मार्ग से गुजरेंगी इसलिए खानापूर्ति चल रही है? इससे तो अच्छा था सड़क कच्ची ही रहती। कम से कम सरकारी धन तो नही डूबता। लोगों का अब जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी से सीधा सवाल है कि क्या जनता का एक करोड़ पैसा सिर्फ 2 दिन के महोत्सव की फोटो खिंचवाने के लिए बहाया जा रहा है? या कोई जिम्मेदार इस लूट को रोकेगा? अगर अब भी कार्रवाई नही हुई तो यह माना जाएगा कि प्रशासन खुद इस भ्रष्ट्राचार में शामिल है।


