कोरबा/पाली:- लोकतंत्र का मजाक उड़ाता एक मामला जनपद पंचायत पाली का सामने आया है। यहां क्षेत्र क्रमांक- 15 से उपचुनाव में भारी मतों से विजयी हुई महिला जनपद सदस्य श्रीमती कौशिल्या भंवर उइके को जीते हुए 1 महीने से ज्यादा हो गया, लेकिन आज तक उन्हें शपथ तक नही दिलाई गई। ऐसे में न शपथ, न कुर्सी, न बैठक में बुलावा, न पूछ। मानो जनता का फैसला ही रद्द कर दिया गया हो।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र क्रमांक- 15 के हुए उपचुनाव में वनांचल पहाड़ी ग्राम जेमरा निवासी श्रीमती कौशिल्या उइके अपने प्रतिद्वंदियों से भारी मतों से चुनाव जीती, जिन्हें निर्वाचित हुए 1 महीने से ऊपर हो गया और जनता ने उन पर विकास का भरोसा जताया है, किंतु जनपद पंचायत के अधिकारी इन्हें तजव्वो ही नही दे रहें। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत जीत के बाद जल्द शपथ होनी थी, मगर 30 दिन बीत गए, फाइल ठंडे बस्ते में है। दूसरी ओर उन्हें जनपद पंचायत की सामान्य सभा बैठकों में भी आमंत्रित नही किया जा रहा, मानो वे सदस्य ही न हों। साथ ही उनके क्षेत्र की सड़कों, नाली, पेयजल की मांगों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है, अधिकारियों का रवैया जैसे “आपसे मतलब नही” वाला चल रहा है। संबंधितों के इस उपेक्षित रवैये को लेकर श्रीमती उइके का कहना है कि जनता ने मुझे वोट से जिताया लेकिन जनपद के जिम्मेदार अधिकारी कुर्सी से हरा रहे हैं। क्या इसलिए उपेक्षा हो रही क्योंकि मैं महिला हूँ? या इसलिए क्योंकि मैं सत्ता के करीब नहीं हूँ? जनता ने मुझे सेवा के लिए चुना है। लेकिन अधिकारी मुझे जनपद पंचायत में घुसने नही दे रहे। मेरे क्षेत्र के लोग रोज पूछते हैं दीदी काम कब होगा? मेरे पास क्या जवाब है? ऐसे में यह मामला सिर्फ एक महिला की उपेक्षा नही है, यह जनता के मत का अपमान है। क्षेत्र क्रमांक- 15 के हजारों वोटरों ने जिसे चुनकर भेजा, उसी को सिस्टम 1 महीने से दरवाजे पर खड़ा रखे हुए हैं। यह लोकतंत्र पर सवाल और निर्वाचित को ही दरकिनार करने का मामला है, जबकि कानून कहता है कि निर्वाचन परिणाम के बाद 15 दिन में शपथ होनी चाहिए। लेकिन यहां नियम- कानून सब ताक पर रख दिया गया है। ऐसे में अगर निर्वाचित जनप्रतिनिधि की ही यह दुर्दशा है, तो आम जनता की सुनवाई कौन करेगा? क्षेत्र क्रमांक- 15 के जनता का मांग है कि निर्वाचित महिला जनपद सदस्य को जल्द से जल्द शपथ दिलाते हुए अधिकार सौंपा जाकर जनपद पंचायत विकास क्रियान्वयन में भागीदारी सुनिश्चित किया जाए, ताकि क्षेत्र क्रमांक- 15 में अपेक्षित विकास हो सके।



























