जिला कलेक्टर के साप्ताहिक ‘जनदर्शन’ कार्यक्रम में उस समय हड़कंप मच गया जब वर्तमान जनपद सदस्य ने अपने क्षेत्र के ग्राम पंचायत तिलकेजा के पूर्व सरपंच पर 3 करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय राशि के गबन का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने गबन से जुड़े कई अहम दस्तावेज और साक्ष्य भी कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए हैं।
मामला क्या है?
जनपद सदस्य द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, पूर्व सरपंच कुलसिंह कंवर ने अपने 10 वर्ष के कार्यकाल के दौरान पंचायत में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और शासकीय निधियों में भारी हेराफेरी की।
मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत कागजों पर विकास कार्य दिखाकर फर्जी मस्टर रोल तैयार किए गए।
अपूर्ण निर्माण कार्य: नालियों, सीसी रोड, और सामुदायिक भवनों के नाम पर राशि का आहरण कर लिया गया, जबकि धरातल पर कार्य या तो आधे-अधूरे हैं या बिल्कुल भी शुरू नहीं हुए।
सामग्री क्रय में गबन: पंचायत स्तर पर खरीदी गई सामग्रियों के नाम पर फर्जी व ऊंचे दामों के बिल लगाकर शासकीय धन का दुरुपयोग किया गया।
”भ्रष्टाचार ने पंचायत के विकास को रोका”
कलेक्टर से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में जनपद सदस्य ने कहा:
”ग्राम पंचायत तिलकेजा के विकास के लिए आई शासकीय राशि जनता के पसीने की कमाई का पैसा है। पूर्व सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का गबन किया है। धरातल पर काम न होने से ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। निष्पक्ष जांच से ही इस बड़े घोटाले का सच सामने आएगा।”
कलेक्टर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है!





