लखनऊ, 21 अक्टूबर। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के कल्याण और सुविधाओं को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए वर्दी भत्ते समेत कई भत्तों में बढ़ोतरी का ऐलान किया।
लखनऊ में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। इस दौरान उन्होंने पुलिस विभाग के लिए तीन बड़ी घोषणाएं कीं।
वर्दी भत्ता ₹6,500 से बढ़कर ₹15,000
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को मिलने वाले वर्दी भत्ते को ₹6,500 से बढ़ाकर ₹15,000 करने की घोषणा की। इसके साथ ही मोटरसाइकिल भत्ते में भी बढ़ोतरी की गई है। मोटरसाइकिल भत्ता ₹700 से बढ़ाकर ₹1,000 कर दिया गया है।
वहीं पुलिसकर्मियों के सिम कार्ड भत्ते को भी बढ़ाया गया है। अब इसके लिए ₹2,000 की जगह ₹2,500 दिए जाएंगे।
इन घोषणाओं को पुलिसकर्मियों की सुविधाओं और कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, सुनाई गई वीरता की कहानी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान नोएडा अग्निकांड में शहीद हुए दो जांबाज पुलिसकर्मियों की बहादुरी की कहानी भी सामने रखी गई, जिसे सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग भावुक हो गए।
4 अगस्त 2026 का नोएडा अग्निकांड बना वीरता की मिसाल
4 अगस्त 2026 को तड़के करीब 3 बजे ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक PCB चिप फैक्ट्री में भीषण आग लग गई थी। फैक्ट्री के अंदर रसायन और इलेक्ट्रॉनिक सामान होने के कारण आग बेहद खतरनाक रूप ले चुकी थी और चारों तरफ जहरीला धुआं फैल गया था।
सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। टीम में फायरमैन रोहित यादव और ड्राइवर तीर्थपाल सिंह भी शामिल थे। हालात बेहद चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद दोनों जवान बिना अपनी जान की परवाह किए आग बुझाने के लिए अंदर दाखिल हुए।
बताया गया कि रोहित यादव वाटर होज लेकर आग की लपटों पर पानी की बौछार कर रहे थे, जबकि तीर्थपाल सिंह पानी का दबाव बनाए हुए थे। इसी दौरान भीषण गर्मी के कारण फैक्ट्री की पक्की दीवार और लोहे का भारी गर्डर भरभराकर गिर गया।
इस हादसे में रोहित यादव और तीर्थपाल सिंह समेत पांच जवान मलबे में दब गए। साथियों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद रोहित यादव और तीर्थपाल सिंह को बचाया नहीं जा सका।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान फैक्ट्री में मौजूद करीब 450 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।
परिवार को छोड़ गए पीछे
शहीद रोहित यादव की उम्र 32 वर्ष बताई गई। वे अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़ गए हैं। वहीं 48 वर्षीय तीर्थपाल सिंह के परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं।
दोनों जवानों ने ड्यूटी निभाते हुए अपनी जान गंवाई। उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा पुलिस सेवा के लिए मिसाल बन गई है।
पुलिस स्मृति दिवस पर इन शहीद जवानों को याद करते हुए मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाएं न सिर्फ पुलिसकर्मियों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, बल्कि उन जवानों के प्रति सम्मान भी हैं जो कानून-व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा देते हैं।
SN इंडिया न्यूज | पुलिसकर्मियों के सम्मान और शहीद जवानों की वीरता को सलाम


