कोरबा। जिले में नशामुक्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए खरमोर दादर खुर्द में “कोरबा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र” की शुरुआत कर दी गई है। राजू राजपूत द्वारा LIG–136, शिव मंदिर के पास शुरू किया गया यह केंद्र कोरबा जिले का पहला आधिकारिक रिहैबिटेशन सेंटर माना जा रहा है, जो नशे की समस्या से जूझ रहे युवाओं और परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।
समाज में बढ़ रही नशे की चुनौती
पिछले कुछ सालों में कोरबा जिले में किशोरों और युवाओं के बीच नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। परिवार टूट रहे हैं, अपराध बढ़ रहा है और मानसिक स्वास्थ्य पर इसका गहरा असर पड़ रहा है। ऐसे माहौल में एक पूर्ण सुविधायुक्त रिहैबिटेशन सेंटर की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
राजू राजपूत का प्रयास बना उम्मीद की किरण
केंद्र के संचालक राजू राजपूत ने बताया कि इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को सही मार्गदर्शन, मेडिकल सहायता और मानसिक परामर्श उपलब्ध कराना है।
“हम सिर्फ इलाज नहीं, जीवन को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। यह केंद्र किसी व्यक्ति को सिर्फ नशा छोड़ने में नहीं, बल्कि समाज में वापस आत्मसम्मान के साथ खड़े होने में मदद करेगा।” — राजपूत ने कहा।
केंद्र में उपलब्ध सुविधाएँ
योग्य काउंसलर्स और प्रशिक्षित मेडिकल टीम
24×7 देखरेख
मनोवैज्ञानिक थेरेपी एवं काउंसलिंग
योग व ध्यान की विशेष व्यवस्था
परिवार काउंसलिंग सेशन
सामाजिक पुनर्वास कार्यक्रम
इन सुविधाओं के साथ केंद्र का उद्देश्य है कि मरीज न केवल नशा छोड़ें, बल्कि मानसिक रूप से मजबूत बनकर एक नई शुरुआत करें।
स्थानीय लोगों ने स्वागत किया
खरमोर दादर खुर्द सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने इस केंद्र का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह पहल कई परिवारों को टूटने से बचा सकती है और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार और प्रशासन से सहयोग की उम्मीद
स्थानीय सामाजिक संगठन और ग्रामीण समुदाय अब उम्मीद कर रहे हैं कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस केंद्र को आवश्यक लाइसेंस, सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करेगा ताकि यह अधिक प्रभावी तरीके से कार्य कर सके।
नशामुक्ति की ओर एक बड़ा कदम
कुल मिलाकर, “कोरबा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र” का शुभारंभ कोरबा जिले के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है। यदि यह पहल सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में जिले में नशे की समस्या में उल्लेखनीय कमी देखी जा सकती है। SN इंडिया न्यूज कि रिपोर्ट


