बालोद। साप्ताहिक बाजार में अवैध कब्जा कर कसाईघर संचालित किए जाने को लेकर कुसुमकसा ग्राम पंचायत सहित जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी ग्रामीणों के गले नहीं उतर रही। जिले की डौंडी तहसील अंतर्गत ग्राम कुसुमकसा के साप्ताहिक बाजार परिसर में एक बड़ा मामला सामने आया है जहां सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर एक कसाईघर (बूचड़खाना) संचालित किया जा रहा है। यह कसाईघर न केवल प्रशासनिक और कानूनी नियमों को ताक पर रखकर चल रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी खुला खिलवाड़ कर रहा है।
कसाईघर संचालक वहीद अली, जो ग्राम कुसुमकसा में धान खरीदी केंद्र में चपरासी के पद पर पदस्थ हैं, ने बाजार के लिए आरक्षित भूमि पर बिना पंचायत की अनुमति के पक्का निर्माण कर लिया है। यह पूरी तरह से छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993, एवं लोक स्वास्थ्य अधिनियम का उल्लंघन है।
चौंकाने वाली बात यह है कि कसाईघर से निकलने वाले मांस, खून और अन्य अपशिष्ट खुले में फेंके जा रहे हैं, जिससे आसपास के वातावरण में बदबू और गंदगी फैली हुई है। इससे न केवल बाजार में आने-जाने वाले लोगों को असुविधा हो रही है बल्कि यह गंभीर स्वास्थ्य संकट भी बन चुका है।




























