छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में नाबार्ड योजना के तहत 6 करोड़ का प्रोजेक्ट दिलाने के नाम पर एक महिला से 50 लाख की ठगी हुई है। 2 लोगों ने नाबार्ड (नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट) योजना का फर्जी टेंडर दिखाया। इसके जरिए महिला को प्रोजेक्ट दिलाने का भरोसा दिलाया गया।
झांसे में आकर महिला ने किश्तों में पैसे दे दिए। इस मामले में मुख्य आरोपी को पुलिस ने पहले ही पकड़ लिया था। दूसरे फरार सह-आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी असीम कृपा फाउन्डेशन चलाते थे। मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है।

जानिए क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, जांजगीर चांपा के ग्राम खोखरी की रहने वाली अनिता साहू (40) महानदी एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी का संचालन करती है। यह कंपनी खाद, बीज और दवा किसानों को बेचती है। रायगढ़ के डूमरपाली निवासी रंजीत चौहान (29) और सुदीप मंडल (40) से अनिता की पहचान सुनील कश्यप, अभिषेक देवांगन, छवि बंजारे, मनहरन पटेल और सुरेश वानी के माध्यम से हुई।
तब रंजीत चौहान ने कहा कि, आपकी रजिस्टर्ड कंपनी है। मैं आपके कंपनी को नाबार्ड योजना से 6 करोड़ का प्रोजेक्ट एक महीने के भीतर दिला दूंगा। रंजित ने अनिता से कहा कि, इसके लिए 50 लाख रुपए असीम कृपा फाउन्डेशन बोईरदादर के नाम पर जमा करना होगा।



