पुरुषोत्तम साहू की रिपोर्ट कोरबा। जिले के रजगामार क्षेत्र में संतोष मंनेवार द्वारा संचालित अवैध रेत खनन व परिवहन का कारोबार चर्चा का विषय बन गया है। इलाके में चल रहे इस अवैध व्यवसाय़ में प्रयुक्त होने वाले वाहन न तो पंजीकृत हैं और न ही उनके चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध है।
स्थानीय लोगों और पर्यवेक्षण टीम का आरोप है कि इतनी खुली धज्जियाँ उड़ने के बावजूद यातायात व खनिज विभाग की नज़रियाें से यह कृत्य कैसे बच रहा है। सवाल उठ रहा है कि क्या विभागीय उदासीनता के चलते इन पर कार्रवाई नहीं की जा रही या फिर कहीं संरक्षण मिल रहा है।
मौके पर आए स्थानीय निरीक्षकों ने बताया कि ज्यादातर ट्रैक्टर चालक के पास लाइसेंस नहीं है और कई चालक नाबालिग भी पाए गए हैं, फिर भी नियंत्रणहीन खनन जारी है। अवैध निकासी के कारण नदीनालों का कटाव तेज़ हो रहा है और क्षेत्र की मिट्टी व पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि जहां यातायात विभाग छोटी वाहनों पर सख्ती करता दिखता है, वहीँ बिना नंबर व बिना लाइसेंस के भारी वाहनों पर कार्रवाई का अनुपात नगण्य है। इससे अवैध कारोबारियों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं और नियमों का उल्लंघन बढ़ रहा है।
स्थानीय पत्रकार व सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। वे स्पष्ट कर रहे हैं कि यदि विभागियत स्तर पर जवाबदेही न बनाई गई तो रजगामार क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधन अघातग्रस्त होंगे और कानून-व्यवस्था भी प्रभावित होगी।
अंततः ग्रामीणों व पर्यावरणविदों की मांग है कि यातायात, खनिज व पुलिस तीनों विभाग मिलकर समयबद्ध छापेमारी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही बिना नंबर व बिना लाइसेंस वाले वाहनों को थामने हेतु नियमित जांच व वाहन सत्यापन की प्रक्रिया कड़ी की जाए।


