डूमर कछार चौक जहां हर दिन हजारों कोयला गाड़ी दीपका से बिलासपुर रायपुर की ओर जाती हैं जहां हर सप्ताह मार्केट भी बैठती हैं और हर रोज दुकान दार छोटी बड़ी आम नागरिक वहां उठने और गुजरने वाले राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और वहीं अंडा दुकान फल चाय दुकान दारो ने मेन मार्ग पर इस कदर गंदगी फैला रखीं है की आम आदमी बदबू से हलाकान हो रहे हैं इस ओर डी बी एल दिलीप बिल्डकॉन की पेट्रोलिंग टीम की कोई ठोस कदम नहीं क्यों की डी बी एल दिलीप बिल्डकॉन की पेट्रोलिंग टीम वहीं चाय नाश्ता और सूत्रों के अनुसार खर्चा पानी दुकान दारो के द्वारा दिया जाता है इस लिऐ इस चौक को रोड किनारे को कूड़ा दान बना रखे हैं आज देखा जाए तो कटघोरा से लेकर बिलासपुर तक जितने भी ओहर ब्रिज हैं कहीं पर भी दुकान
या ठेला गुमटी नहीं देखा जाता है लेकिन डूमर कछार चौक इस कदर ठेले गुमटी कर कब्जा कर रखे हैं की पुलिस तो क्या डी बी एल दिलीप बिल्डकॉन की अधिकारी और पास के थाने को भी मालूम है फिर भी किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं अब आस पास के दुकान दार आम राहगीरों ने डूमर कछार बाजार के दिन चक्का जाम करने की ठानी है शासन प्रशासन की अनदेखी से इस रोड की दुर्दशा और गुमटी ठेले वालों की अंडे की छिल्के खराब फलों की चाय की डिस्पोजल को रोड किनारे फेक कर दुर्गंध पयदा कर रखें है इनकी ऊपर कड़ी कार्यवाही नहीं किया गया शासन प्रशासन डी बी एल दिलीप बिल्डकॉन द्वारा तो और ब्रिज के नीचे से नहीं हटाया गया तो एक दिन बड़ी हादसे हो सकती है इसकी जिम्मेदारी या डी बी एल दिलीप बिल्डकॉन की होगी या प्रशासन की होगी ये कौन जिम्मेदारी लेगी फैसला कर ले क्यू की जब भी कोई जन हानि होती है वहां पर तो गुमटी ठेले वालों पर भी कार्यवाही भी होनी चाहिए एक तरफ मवेशियों हो रहे हर दिन हादसे दूसरी तरफ फल के छिलके के लालच में मवेशियों का झुंड और धूल की गुब्बार तो पूछो मत डी बी एल दिलीप बिल्डकॉन की पेट्रोलिंग टीम नाकाम
डूमर कछार चौक की नजारा जहां गंदगी और बदबू से हलाकान राहगीर
: इस जगह की मार्केट अच्छी खासी बैठती हैं जहां रात्रि कालीन में शराबियों का शराब पीकर खाली शीशी मार्केट की ओर फेकना आखिर रात्रि में शराब कहा से मुहैया हो रही हैं किसकी आश्रित मिल रही हैं शराब बेचने वालों को सवालों के घेरे में पाली पुलिस और आबकारी की की टीम
डूमर कछार बाजार में इस कदर देशी शराब विदेशी शराब की शीशी देखा जा सकता है गौतम कुमार राज कि रिपोर्ट




