मस्तूरी जनपद पंचायत मस्तूरी अंतर्गत ग्राम पंचापत चक्ररबंदा में शासकीय उचित मूल्य दुकान से राशन वितरण में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीण हितग्राहियों ने आरोप लगाया है कि पंचायत में संत्चालित राशन दुकान का संचालन श्री साई स्व सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है. जहां पदस्थ चेलामेन सत्येंद्र रंडन द्वारा नियमों को ताक पर रखकर राशन वितरण किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जनवरी गाह का समान जब तक बड़ी संख्या में हितग्राहियों को नहीं मिला है

जबकि वितरण की प्रक्रिया कागजों में पूरी दिखाई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ हितग्राहियों को आंशिक रूप से राशन देकर यह कहकर लौटा दिया गया कि दुकान में स्टॉक समाप्त हो गया है। वहीं कई लोगों से बिना राशन दिए ही अंगूठा लगवाया जा रहा है और यह आश्वासन दिया जा रहा है कि जब राशन आएगा, तब मिलेगा। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। आरोप है कि इस संबंध में पूर्व में एसडीएम कार्यालय में शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो कोई जांच हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई, जिसके चलते राशन की गड़बड़ी और बढ़ गई।

मामले की पुष्टि सरपंच प्रतिनिधि ने भी की है। उन्होंने बताया कि पंचायत के अनेक हितग्राहियों को जनवरी माह का राशन नहीं दिया गया है। जब इप्स संबंध में सेल्समेन सत्येंद्र टंडन से पूछताछ की जाती है तो यह स्टॉक खत्म होने की बात कहकर पत्ता झाड़ लेता है, जबकि नियमानुसार पिछले माह का पूरा स्टॉक दुकान में उपलब्ध कराया गया था। आशंका जताई जा रही है कि उक्त स्टॉक का वितरण न कर बंदरबाट की गई है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि रोल्यगैन द्वारा अपने निजी घर में ही ई पॉस मशीन के माध्यम से चावल तौलकर प्रविष्टियां दर्ज की जा रही है, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो उन्हें चावत के बदले पैसे देने की बात कही गई। इस तरह की कार्यप्रणाली से शासन की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जनवरी माह का राबशन नहीं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। हितग्राहियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. ताकि भविष्य में गरीबों के हक पर डाका न डाला जा सके।


