कोरबा वन विभाग ने अपने कर्मचारियों पर हमला करने वाले लकड़ी तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। डीएफओ कार्यालय से जारी सर्च वारंट के आधार पर टीम ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान 6 तस्करों के घरों और बाड़ियों से अलग-अलग प्रजाति की 362 नग लकड़ी बरामद की गई।
जब्त लकड़ी की अनुमानित कीमत 3 लाख 40 हजार रुपए आंकी गई है। यह कार्रवाई कोरबा वनमंडल के करतला वन परिक्षेत्र में हुई एक घटना के बाद की गई है। हाल ही में, रामपुर के सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी चमरू सिंह कंवर और बीटगार्ड गजाधर सिंह राठिया हाथियों के झुंड की निगरानी के लिए जोगीपाली जंगल गए थे।
उसी दौरान उन्हें मुड़धोवा पतरा जंगल से लकड़ी तस्करी की सूचना मिली। जब वे मौके पर पहुंचे, तो ट्रैक्टर में लकड़ी लोड कर रहे तस्करों ने वन कर्मियों पर हमला कर दिया था। वन विभाग ने जोगीपाली नवाडीह में रहने वाले 6 संदिग्ध हमलावरों के घरों की तलाशी के लिए सर्च वारंट जारी किया था।

बड़ी मात्रा में अवैध लकड़ी जब्त
रविवार सुबह वन विभाग की टीम करतला पुलिस के साथ जोगीपाली नवाडीह पहुंची। टीम ने मनाराम पटेल, गनपत पटेल, पनडेवा लाल पटेल, भोला पटेल, अंकुश पटेल और गनेश्वर राठिया के घरों और बाड़ियों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान, साल और खम्हार सहित विभिन्न प्रजातियों की कुल 362 नग इमारती लकड़ी (5.488 घन मीटर) बरामद की गई, जिसे छिपाकर रखा गया था।
वनकर्मियों पर हमले के आरोपियों के घरों पर कार्रवाई
बता दें कि जिन घरों पर दबिश दी गई, उनमें से अधिकांश उन तस्करों के थे जिन्होंने कथित तौर पर वन कर्मियों पर हमला किया था। आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के लिए वन अधिकारियों ने 6 टीमें गठित की थीं, जिनमें सभी 6 रेंज के कुल 70 वन अधिकारी शामिल थे।





