दिनांक 23 अगस्त 2025 को हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के द्वारा छत्तीसगढ़ की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए 200 करोड़ रुपये की मंजूरी दिए थे, जिसकी जानकारी सार्वजनिक की गई थी। उस समय दावा किया गया था कि बरसात के बाद सड़क मरम्मत कार्य शुरू कर दिसंबर तक पूरा किया जाएगा।
लेकिन आज कोरबा जिले की सड़कों की हालत देखकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर उस राशि में से कोरबा के हिस्से का पैसा कहां खर्च हुआ?
कोरबा की कई सड़कें पहले से ही गड्ढों से भरी थीं, लेकिन अब स्थिति और भी खराब हो गई है। हमारे बालको के लोगो के लिए तो सड़क है ही नहीं लगता है। गायत्री मंदिर रोड की सड़के तो खत्म ही हो चुकी है, रिंग रोड और ढ़ेंगुरनाला के पास तो चलना मुश्किल है, बालको से दर्री जाने का सड़क तो नर्क जाने का मार्ग लगता है। एक एक गढ्ढे में 50 रुपए दे देते तो गढ्ढे भर जाते लेकिन गड्ढे भरने के बजाय गड्ढों की संख्या ही बढ़ गई है। बरसात सिर पर खड़ी है और यदि समय रहते सड़कों की मरम्मत नहीं हुई तो आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। खराब सड़कों के कारण:दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ेगी। दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाएगा। लोगों की जान-माल की सुरक्षा पर संकट खड़ा होगा।
जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से निवेदन है और मांग भी है कि बरसात शुरू होने से पहले कोरबा जिले की सड़कों का सर्वे कर तत्काल गड्ढा मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि आम जनता को संभावित दुर्घटनाओं और परेशानियों से राहत मिल सके।
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