अंबिकापुर (छत्तीसगढ़): विश्वासघात और शातिर चोरी का एक सनसनीखेज मामला अंबिकापुर से सामने आया है। जवाहर मार्केट के रहने वाले व्यवसायी सुभाष अग्रवाल जब अपने परिवार के साथ कोरबा के सतरेंगा घूमने गए, तब उनके ही वफादार नौकर और ड्राइवर ने मिलकर घर में रखे 5 लाख रुपये कैश साफ कर दिए। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने फिल्मी अंदाज में बंधक बनाए जाने की झूठी कहानी रची, लेकिन अंबिकापुर पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली।
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सूने मकान का उठाया फायदा: व्यवसायी सुभाष अग्रवाल अपने परिवार के साथ पर्यटन स्थल सतरेंगा गए हुए थे। उन्होंने घर की रखवाली की जिम्मेदारी अपने घरेलू नौकर ईश्वर यादव को सौंपी थी। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर नौकर ने चोरी की साजिश रची।
हाथ-पैर बांधने का झूठा नाटक: चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद नौकर ने रात करीब 3:30 बजे पड़ोसियों के जरिए मालिक को फोन करवाया। उसने रोते हुए कहानी गढ़ी कि कुछ अज्ञात नकाबपोश बदमाश घर में घुसे, उसके हाथ-पैर बांध दिए और अलमारी से 5 लाख रुपये लूटकर ले गए।
साइबर सेल और डॉग स्क्वायड की एंट्री: सूचना मिलते ही पुलिस टीम, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंची। नौकर के बयानों में लगातार विरोधाभास दिख रहा था, जिससे पुलिस को शक हुआ।
कड़ाई से पूछताछ में खुला राज: पुलिस ने जब नौकर के मोबाइल रिकॉर्ड्स और तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) को खंगाला, तो वह टूट गया। उसने कबूल किया कि उसने व्यवसायी के ड्राइवर और दो अन्य दोस्तों (जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है) के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था।
100% रिकवरी: अंबिकापुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए पूरे के पूरे 5 लाख रुपये कैश बरामद कर लिए हैं।
SN इंडिया News की अपील: अपने घरों में घरेलू नौकर या ड्राइवर रखते समय उनका पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं और पूरी तरह सतर्क रहें


