जिला कोरबा विकास खंड करतला के ग्राम पंचायत पीडिया में ग्रामीण विकास के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किस कदर किया जा रहा है, इसका एक जीता-जागता उदाहरण ग्राम पंचायत पीडिया में देखने को मिला है। यहाँ के वर्तमान सरपंच ने नियमों को ताक पर रखकर एक ऐसी जगह सड़क का निर्माण करवा दिया है, जिसकी गाँव में किसी को ज़रूरत ही नहीं थी।
मामला एक निजी खेत में सड़क निर्माण का है, जहाँ ₹8 लाख की भारी-भरकम राशि फूंक दी गई। ग्रामीण अब इस फिजूलखर्ची के खिलाफ लामबंद हो गए हैं और सरपंच के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और रिकवरी (धन वापसी) की मांग कर रहे हैं।
खेत में सड़क, बस्ती में कीचड़: यह कैसा विकास?
ग्रामीणों का आरोप है कि जहाँ गाँव की मुख्य बस्तियों और स्कूल जाने वाले रास्तों पर लोग सालों से कीचड़ और गड्ढों से जूझ रहे हैं, वहीं सरपंच ने अपने चहेतों को फायदा पहुँचाने या कमीशनखोरी के चक्कर में एक सुनसान खेत के बीचों-बीच चमचमाती सड़क खड़ी कर दी। इस सड़क का आम जनता के लिए कोई मतलब नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है: “इस सड़क से न तो कोई आबादी जुड़ती है और न ही यह किसी सार्वजनिक उपयोग की है। जब गाँव की मुख्य गलियाँ पक्की करने की मांग की गई तो फंड न होने का रोना रोया गया, लेकिन एक निजी खेत में ₹8 लाख का बजट रातों-रात पास हो गया। यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार है।”
जांच के घेरे में सरपंच: इन बिंदुओं पर उठ रहे हैं सवाल
इस निर्माण कार्य ने पंचायत राज अधिनियम और सरकारी फंड के नियमों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच की मांग की है:
प्रस्ताव की वैधता: क्या इस निरर्थक सड़क का प्रस्ताव ग्राम सभा में पास हुआ था, या सरपंच ने मनमाने ढंग से इसे मंजूरी दी?
तकनीकी स्वीकृति इंजीनियर और तकनीकी अधिकारीयों ने मौके का मुआयना किए बिना इस अनुपयोगी सड़क की रिपोर्ट कैसे तैयार की
कमीशन का खेल आरोप है कि सिर्फ बजट ठिकाने लगाने और मोटी कमीशनखोरी के लिए फिजूल निर्माण को अंजाम दिया गया



