छत्तीसगढ़ / कोरबा
जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलकेजा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में हुए भारी भ्रष्टाचार कूट-रचना और शासकीय राशि के गबन के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त चाबुक चलाया है। जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन IAS ने जांच में लगातार असहयोग नोटिस की अनदेखी और गंभीर अनुशासनहीनता बरतने पर तिलकेजा पंचायत सचिव श्रीमती नवीता दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही विकासखंड समन्वयक देवानंद श्रीवास को पद से हटाते हुए जनपद पंचायत में अटैच करने की गाज गिरी है।
ग्राम सभा से खारिज 66 अपात्रों की फर्जी पंजी बनाकर किया गया गबन
तिलकेजा में पीएम आवास योजना के क्रियान्वयन में सुनियोजित तरीके से शासकीय धन की बंदरबांट की गई थी l
ग्राम सभा का मूल निर्णय दरकिनार किया गया था 18 जुलाई 2024 को आयोजित विशेष ग्राम सभा में 214 हितग्राहियों की सूची का सार्वजनिक वाचन हुआ था, जिसमें पक्के मकान धारकों शासकीय सेवकों और पूर्व लाभान्वित 66 अपात्रों को नियमानुसार सूची से बाहर कर दिया गया था।
फर्जी कार्यवाही पंजी का निर्माण: सरपंच श्रीमती तेरस बाई कंवर,सरपंच-पति देवमूरत कंवर और सचिव नवीता दुबे ने सांठगांठ कर 14 अप्रैल 2026 को कूट-रचित फर्जी कार्यवाही पंजी तैयार की और खारिज नामों को पात्र दर्शा दिया।
पोर्टल पर अवैध प्रविष्टि व बंदरबांट के लिए 23 जून 2026 को आवास पोर्टल पर फर्जी प्रविष्टियां कर 48 से अधिक अपात्रों व मृतकों के नाम पर 40-40 हजार रुपये की प्रथम किश्त अंतरित कराकर लाखों रुपये का गबन किया गया।
जिसके बाद जांच से भागती रहीं सचिव न दस्तावेज दिए न नोटिस का दिया जवाब शिकायतकर्ता व आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र कुमार साहू द्वारा साक्ष्यों के साथ कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ से सीधी शिकायत के बाद जांच कमेटी गठित की गई थी। इसके बाद सचिव की ओर से जांच में गंभीर लापरवाही और असहयोग देखने को मिला l उप संचालक पंचायत कार्यालय द्वारा 11 अगस्त 2026 को पत्र जारी कर सरपंच व सचिव को 13 अगस्त 2026 को सभी 48 हितग्राहियों के बैंक पासबुक, पहचान दस्तावेज और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी रजिस्टर सहित तलब किया गया था लेकिन दोनों नदारद रहे।
18 अगस्त 2026 को जारी पत्र के जरिए सचिव को 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया परंतु उन्होंने जवाब तक देना उचित नहीं समझा।आचरण नियमों के उल्लंघन पर निलंबन की सख्त कार्रवाई
शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता,वित्तीय गबन में संलिप्तता और जांच में सहयोग न करने को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 का खुला उल्लंघन मानते हुए जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन ने छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन तथा अपील नियम, 1999 के नियम 4 के तहत सचिव नवीता दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत कोरबा नियत किया गया है।
प्रशासन की इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई से फर्जीवाड़े में शामिल जनप्रतिनिधियों और पंचायत कर्मियों में हड़कंप मच गया है। वहीं जानकारी के अनुसार कुदुरमाल पंचायत में भी इसी तरह की अनियमितता की शिकायत है जिसे सचिव नवीता दुबे के द्वारा ही अंजाम दिया गया है, सूत्रों की मानें तो इस पर भी शिकायत और बड़ी कार्रवाई होने के कयास लगाए जा रहे हैं।




























