कोरबा। जिले के अमरेयापारा बस्ती में बारिश के बाद जलभराव की गंभीर स्थिति सामने आई है। बस्ती के कई घरों में बरसात का पानी और नाले का गंदा पानी घुसने से रहवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि सड़क और घरों के आसपास पानी ही पानी भर गया है, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
बताया जा रहा है कि महज दो माह पूर्व बनाया गया नाला पहली ही तेज बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है। नाला टूटने अथवा पानी की निकासी सही तरीके से नहीं होने के कारण नाले का गंदा कीचड़ और बरसात का पानी बस्ती की ओर पहुंच रहा है। हालात इतने खराब हैं कि कई स्थानों पर लोगों के घरों के अंदर तक पानी भर गया है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में परेशानी बढ़ जाती है। गंदा पानी घरों में घुसने से सामान खराब होने के साथ-साथ बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से गंदगी और बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब नाला महज दो महीने पहले बनाया गया था, तो पहली ही बारिश में उसकी स्थिति इतनी खराब कैसे हो गई? क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की गई थी? क्या नाले का निर्माण निर्धारित मापदंडों के अनुसार हुआ था? और यदि निर्माण में लापरवाही हुई है तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होगी?
अमरेयापारा के रहवासी अब संबंधित अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कर जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और नाले के निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
अब सवाल यही है—बारिश और नाले के गंदे पानी से बस्तीवासियों को हो रही इस परेशानी का जिम्मेदार कौन है और कब होगी कार्रवाई?






















