कोरबा-हरदीबाजार। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित उतरदा (हरदी बाजार, तह. पाली) में धान खरीदी के दौरान वित्तीय अनियमितता और गबन की शिकायत की जांच में 8,82,685.70 रुपये की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई है। मूल शिकायत में करीब 25 लाख रुपये की गड़बड़ी का आरोप अरुण कुमार राठौर द्वारा लगाया गया था। जांच में तत्कालीन समिति प्रबंधक तुलाराम यादव, पर्यवेक्षक जमाल खान और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की हरदीबाजार शाखा के प्रबंधक अजय साहू की भूमिका प्रथमदृष्टया संदिग्ध एवं उत्तरदायित्वपूर्ण पाई गई है।
मामले में संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं संयुक्त पंजीयक, बिलासपुर ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र जारी कर तुलाराम यादव, जमाल खान और अजय साहू के विरुद्ध सेवा नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकारी धन में घोटाला प्रमाणित होने के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई करना तो दूर बल्कि उन्हें बचाने की कोशिश में शीर्ष अधिकारी लग गए हैं जिसमें बैंक के सीईओ की भूमिका पर सवाल उठे हैं। उनके द्वारा दोषियों से वसूली/निलंबन/एफआईआर जैसी सख्त कार्रवाई की बजाय उन्हें कोरबा जिला से ही स्थानांतरित कर देना कहीं ना कहीं संरक्षण और अभयदान को साबित करता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोषियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर वसूली और एफआईआर जैसी कार्रवाई करनी थी लेकिन ऐसा नहीं कर उन्हें बचाने का काम किया जा रहा है। कहना है कि यह तो एक प्रमाणित हुआ मामला है जबकि ऐसे अनेक घोटाले जमाल खान ने किए हैं किंतु उन सबको प्रभाव और पैसे के बल पर दबाया जाता रहा है।
👉🏻 न्यायालय ने माँगा स्पष्टीकरण/जवाब
इसके बाद एक अन्य नोटिस के ज़रिए न्यायालय संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं बिलासपुर संभाग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र (अंतर्गत धारा 58 (ख) (1) छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960) के तहत दर्ज प्रकरण क्रमांकः 58 (B)/01/2026 में सुनवाई तिथि : 02/09/2026 को अजय साहू, तत्कालीन शाखा प्रबंधक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर, शाखा दीपका (हरदीबाजार), जमाल खान, बैंक पर्यवेक्षक, तुलाराम यादव, तत्कालीन समिति प्रबंधक, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित उतरदा (पंजीयन क्र. 3051), वि.ख. पाली व शत्रुघन सिंह तरपे, तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारी, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित उतरदा, को स्पष्टीकरण / जवाब प्रस्तुत करने बावत उपस्थित होने कहा गया था। इस सुनवाई में क्या हुआ,यह तो पता नहीं लेकिन सुनवाई तिथि के दूसरे ही दिन 3 सितम्बर को तबादला आदेश जारी हो जाता है।
👉🏻कार्रवाई नहीं, बैंक के सीईओ ने कर दिया तबादला
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा 3 सितम्बर को आदेश जारी कर प्रशासनिक कार्यव्यवस्था के दृष्टिगत जमाल खान, संस्था प्रबंधक (प्रभारी पर्यवेक्षक) शाखा कोरबा, अतिरिक्त पर्यवेक्षकीय प्रभार शाखा दीपका एवं संस्था प्रबंधक आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, सोनपुरी (कोरबा) का स्थानांतरण आगामी आदेश तक शाखा बिर्रा में प्रभारी पर्यवेक्षक के रूप में किया है साथ ही शाखा नवागढ़ का अतिरिक्त पर्यवेक्षकीय प्रभार भी सौंपा है।कहा गया है कि स्थानांतरित शाखा बिर्रा के लिये बिना ज्वाईनिंग अवकाश लिये कार्यमुक्त होवें तथा शाखा प्रबंधक बिर्रा एवं नवागढ़ के निर्देशानुसार प्रभारी पर्यवेक्षक का कार्य संपादित करें। उज्जवल दुबे, पर्यवेक्षक शाखा बिर्रा अतिरिक्त पर्यवेक्षकीय प्रभार शाखा नवागढ़ का स्थानांतरण आगामी आदेश तक शाखा कोरबा में प्रभारी पर्यवेक्षक के रूप में किया गया है, जो शाखा दीपका(हरदीबाजार) का अतिरिक्त पर्यवेक्षकीय प्रभार व संस्था प्रबंधक, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, सोनपुरी (कोरबा) का भी प्रभार वैकल्पिक व्यवस्था के आधार पर देखेंगे। इसी प्रकार अजय कुमार साहू, सहायक लेखापाल (प्रभारी शाखा प्रबंधक) शाखा दीपका (हरदीबाजार) का स्थानांतरण आगामी आदेश तक शाखा डभरा में किया गया है।
👉🏻 मई में ही स्थानांतरित हो चुके हैं तुलाराम
गौरतलब है कि तुलाराम यादव, समिति प्रबंधक (नवीन संवर्ग) सेवा सहकारी समिति मर्यादित, समिति उतरदा, शाखा हरदीबाजार (दीपका) का तबादला 12 मई 2026 को जारी आदेश के तहत आगामी आदेश तक सेवा सहकारी समिति मर्यादित, सीपत, शाखा सीपत में किया जा चुका है। सभी आदेश तत्काल प्रभावशील हैं।
👉🏻 पूर्व में जांच में सामने आए तथ्य
जांच दल में शामिल संतोष कुमार कंवर, व.स.नि. (दल प्रभारी) 2. श्रीमती सुभद्रा सिदार, स.नि. (दल सहायक) 3. भूपेन्द्र कुमार साहू, स.नि. (दल सहायक) द्वारा की गई जांच में सामने आया कि समिति के खाते से तत्कालीन प्रबंधक तुलाराम यादव के व्यक्तिगत खाते में 3,79,511 रुपये स्थानांतरित किए गए। राशि किस मद में खर्च की जानी थी, इसका स्पष्ट उल्लेख कार्यवाही पंजी में नहीं मिला। इस मामले में तत्कालीन प्रबंधक, पर्यवेक्षक और बैंक शाखा प्रबंधक को जिम्मेदार माना गया है।
धान खरीदी से जुड़े हमाली, तौलाई, बारदाना रिपेयरिंग, स्टैकिंग, स्टेंसिल और चौकीदार आदि मदों में 27 मार्च 2026 को 26,12,688 रुपये का भुगतान दर्शाया गया। जांच में शासन के निर्धारित मानकों की तुलना में 3,74,374.70 रुपये अधिक व्यय पाया गया। इस राशि को समिति को हुई आर्थिक क्षति मानते हुए वसूली योग्य बताया गया है।
समिति के अनिवार्य अमानत खाते से भी नियम विरुद्ध 1,20,000 रुपये की निकासी सामने आई। जांच में राशि खर्च करने की स्वीकृति, आदेश और कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र पर्याप्त रूप से नहीं मिले। स्थल निरीक्षण में कुछ कार्यों के अस्तित्व पर भी सवाल पाए गए। वैकल्पिक कर्मचारी से लिए गए कोरे चेक के उपयोग में भी अनियमितता पाई गई।
किसानों से ली गई हिस्सा अमानत राशि को निर्धारित समय पर समिति के खाते में जमा नहीं करने का मामला भी जांच में सामने आया। बोईदा के दो किसानों की 5,000 रुपये की हिस्सा राशि तथा अभिलेखों में कुल 3,800 रुपये की विसंगति पाई गई, जिसे वसूली योग्य बताया गया है।
जांच में वित्तीय मामलों में सक्षम अनुमोदन के बिना राशि आहरण और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने की बात भी सामने आई। जांच दल ने इसे गंभीर प्रक्रियात्मक एवं प्रशासनिक लापरवाही माना है।
👉🏻 कार्रवाई के लिए लिखे गए पत्र
जांच पूरी होने के बाद उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक, कोरबा ने 10 जुलाई 2026 को कलेक्टर को पत्र भेजकर दोषियों से वसूली और कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी। बैंक कैडर के कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के कारण जांच प्रतिवेदन संयुक्त आयुक्त सहकारिता, बिलासपुर को भेजा गया।
इसके बाद 16 जुलाई 2026 को संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं संयुक्त पंजीयक, बिलासपुर ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र जारी कर तुलाराम यादव, जमाल खान और अजय साहू के विरुद्ध सेवा नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जांच प्रतिवेदन में छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 की धारा 58(बी) के तहत विशेष अंकेक्षण कराने, धान खरीदी वर्ष 2025-26 में वास्तविक आर्थिक नुकसान का आकलन करने, जिम्मेदारी तय करने और संबंधित राशि की वसूली की अनुशंसा की गई है।



