कोरबा। निर्मला हायर सेकेंडरी स्कूल, कोसाबाड़ी कोरबा की प्राचार्य अजिया मेरी एवं स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को शिकायत प्रस्तुत की गई है। शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार साहू, सजग पत्रकार/आरटीआई कार्यकर्ता ने शिकायत में स्कूल प्रबंधन पर संविधान के उल्लंघन, शिक्षिका से कथित प्रताड़ना, RTE से जुड़े नियमों की अनदेखी और अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्कूल में 90 प्रतिशत से अधिक हिंदू अध्यापकों एवं कर्मचारियों से जबरन ईसाई प्रार्थना करवाने तथा उपस्थिति रजिस्टर बनाकर मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, शिक्षिका रेकी सिन्हा द्वारा एक सप्ताह का मेडिकल लीव मांगे जाने पर प्राचार्य द्वारा कथित रूप से एक वर्ष का अवैतनिक अवकाश (02 जुलाई 2026 से 01 जुलाई 2027) लिखवाकर ESIC के कानूनी इलाज के अधिकार से वंचित करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में एक अन्य गंभीर रूप से बीमार शिक्षिका को तीन मंजिला सीढ़ियां चढ़ाकर उसी इलाज में बाधा डालने तथा उनकी स्थिति बिगड़ने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि निःशुल्क BPL छात्रों से नियम-विरुद्ध ₹1,000 की वसूली की गई और शिक्षिका द्वारा बच्चों से रसीद वापस मंगवाकर कथित रूप से सबूत मिटाने का प्रयास किया गया।
इसके अलावा शिकायतकर्ता ने ‘Franciscan Sisters of the Immaculate Heart of Mary, Kollam (Kerala)’ के असंवैधानिक नियमों के तहत एक माह का वेतन काटने, मनमाना निष्कासन एवं अनुशासनहीनता योजना का आरोप लगाया है।
शिकायत में 15 सितंबर को कक्षा 9वीं ‘B2’ के छात्र नीलेश दास महंत को कथित रूप से धूप में खड़ा रखकर बेहोश करने तथा जबड़ा फटने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।
विशेष जांच दल से जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मामले की जांच राजस्व या कलेक्टर द्वारा गठित विशेष प्रशासनिक जांच दल से कराने की मांग की है। साथ ही प्राचार्य अजिया मेरी को तत्काल निलंबित करने तथा अभिलेखों और गवाहों से छेड़छाड़ रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत में उपस्थिति पंजियां, फीस रसीद बुक, बैंक खाते एवं CCTV फुटेज को तत्काल सील करने तथा BNS/IPC, संविधान उल्लंघन, RTE एक्ट एवं JJ एक्ट की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कराने की मांग भी की गई है।
शिकायतकर्ता ने शिक्षकों, कर्मचारियों और बच्चों के बयान प्राचार्य की अनुपस्थिति में सुरक्षित वातावरण में दर्ज कराने की मांग की है।
यह शिकायत 28 सितंबर 2026 को जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, कोरबा के समक्ष प्रस्तुत की गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।



