कोरबा। बालको क्षेत्र के चेकपोस्ट गली नंबर-1 से सामने आए वीडियो ने इलाके में चल रहे कथित नशीले पदार्थों के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामने आए वीडियो में कुछ लोगों के बीच संदिग्ध पैकेटों के लेन-देन जैसी गतिविधि दिखाई दे रही है। वीडियो में दिखाई देने वाली सामग्री वास्तव में गांजा है
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि यदि स्थानीय लोगों के आरोप और वीडियो के रूप में सामने आई जानकारी जिम्मेदार विभाग तक पहले ही पहुंचाई जा चुकी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
स्थानीय स्तर पर चेकपोस्ट क्षेत्र में कथित नशे के कारोबार को लेकर शिकायतें सामने आने के बाद हमारी टीम द्वारा आबकारी विभाग को भी इस क्षेत्र की जानकारी कई बार दी गई थी। इसके बावजूद यदि मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर विभाग की निगरानी व्यवस्था किस स्तर पर काम कर रही है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से ही क्षेत्र में वाहनों और लोगों की आवाजाही बनी रहती है। दिनभर संदिग्ध गतिविधियों को लेकर चर्चाएं होती रहती हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति कथित तौर पर शून्य बनी हुई है।
मिलीभगत है या निगरानी में बड़ी चूक?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या संबंधित अमला इस गतिविधि से अनजान है, या फिर सूचना मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही?
लोगों के बीच उठ रही मिलीभगत की आशंका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि आरोप गलत हैं तो विभाग को जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि वीडियो व शिकायतों में प्रथम दृष्टया कुछ तथ्य सामने आते हैं, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
बालको क्षेत्र देखने वाले जिम्मेदारों पर भी उठ रहे सवाल
चेकपोस्ट गली नंबर-1 कोई सुनसान इलाका नहीं है। यहां दिनभर आवागमन रहता है। ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि कथित नशे का कारोबार वास्तव में चल रहा है तो बालको क्षेत्र की निगरानी और प्रवर्तन की जिम्मेदारी संभालने वाले अमले को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?
और अगर विभाग को पहले ही जानकारी दी जा चुकी थी, तो सूचना के बाद क्या जांच की गई, किस अधिकारी ने मौके का निरीक्षण किया और क्या कार्रवाई की गई—इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए।
अब देखना होगा—वीडियो पर जांच होती है या मामला फिर फाइलों में दब जाता है?
नशे के कारोबार पर कार्रवाई केवल छिटपुट पकड़ तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जरूरत है कि चेकपोस्ट गली नंबर-1 में निष्पक्ष जांच, निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों की पूरी पड़ताल की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि पहले मिली शिकायतों पर विभाग ने क्या कदम उठाए।
अगर वीडियो और शिकायतों में तथ्य पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार कारोबारियों पर कार्रवाई के साथ यह भी तय होना चाहिए कि सूचना मिलने के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई।
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चेकपोस्ट में कथित नशे का कारोबार दिखाई दे रहा है तो कार्रवाई कब होगी?
और अगर पहले से सूचना थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?



