छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) और विद्युत उत्पादन कंपनी के कोरबा वेस्ट स्थित 2×660 MW SCTPP प्रोजेक्ट में सरकारी स्क्रैप के गबन का मामला अब और भी गंभीर हो चुका है। विभागीय वर्क ऑर्डर और गेट क्लीयरेंस के तमाम नियमों को ताक पर रखकर, दर्री मुख्य मार्ग पर खुलेआम 42 लोहे के केबल ड्रम और 9.8 टन डिस्मेंटल्ड टावर पार्ट्स व कंडक्टर को गैस कटर से काटे जाने का वीडियो सामने आया है। कोरबा जिले में स्क्रैप का कारोबार पूरी तरह बंद होने के बावजूद यह अवैध कटिंग और परिवहन प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करती है।
वीडियो में ठेका कर्मी दीपक सोंधिया का बेखौफ कबूलनामा
सामने आए वीडियो में जब मौके पर मौजूद निजी फर्म (मेसर्स यूनिवर्सल केबल्स लिमिटेड) के प्रतिनिधि दीपक सोंधिया से स्क्रैप कटिंग और इसके गंतव्य को लेकर सवाल किया गया, तो उसने कैमरे के सामने बेधड़क स्वीकार किया कि यह स्क्रैप कंपनी में जमा होने के बजाय गाड़ियों के जरिए मध्य प्रदेश के सतना भेजा जा रहा है। पूछताछ के दौरान उसने यह भी दावा किया कि यह पूरा खेल अधिकारियों की जानकारी और मिलीभगत से चल रहा है, और उसे किसी का डर नहीं है।
कागजों में TLM स्टोर, असलियत में सतना रवानगी
दस्तावेजी निर्देश रायपुर मुख्यालय के वर्क ऑर्डर क्रमांक 1767 और सहायक अभियंता TLM Sub-Dn कोरबा (बसंत टोप्पो) द्वारा जारी पत्र क्रमांक 235 में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे कि लाइन शिफ्टिंग से निकलने वाली सभी सामग्री को अनिवार्य रूप से सरकारी TLM स्टोर कोरबा में ही जमा कराया जाना है।
वाहनों का उपयोग पत्र के अनुसार, वाहन क्रमांक CG-12 BE-7667, CG-12 BD-6812 और CG-12 S-3292 के जरिए 9.8 मीट्रिक टन टावर पार्ट्स और कंडक्टर के लिए सुरक्षा अधिकारी से गेट पास क्लीयरेंस मांगा गया था लेकिन धरातल पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।
* अधिकारियों की प्रतिक्रिया: जब इस मामले में TLM के असिस्टेंट इंजीनियर बसंत टोप्पो से पक्ष लिया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि यदि काम की आड़ में इस तरह की अनधिकृत स्क्रैपिंग की जा रही है, तो यह पूरी तरह गलत है।
नियमों की अनदेखी और संगठित गबन का अंदेशा
सरकारी नियमों के मुताबिक किसी भी स्क्रैप का निपटारा केवल अधिकृत ई-नीलामी (E-Auction) प्रक्रिया के माध्यम से ही किया जा सकता है। बिना नीलामी और बिना जीएसटी बिल के, दर्री थाने से महज कुछ ही दूरी पर मुख्य मार्ग पर गैस कटर चलना सीधे तौर पर संगठित चोरी और गबन की ओर इशारा करता है।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
यह पूरा मामला प्रशासनिक और विजिलेंस स्तर पर एक बड़ी जांच की मांग करता है। यदि कोरबा वेस्ट प्लांट की धर्मकांटा पर्चियों, सुरक्षा गेट पास और TLM स्टोर के भौतिक स्टॉक का कड़ाई से मिलान किया जाए, तो इस पूरे सिंडिकेट और इसमें संलिप्त जिम्मेदार अधिकारियों के चेहरों से नकाब उतर सकता है।
क्या इस अवैध स्क्रैप रैकेट पर जिला प्रशासन और कलेक्टर स्तर से कोई सख्त कार्रवाई की जाएगी, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा

