जांजगीर-चांपा/पामगढ़। पामगढ़ थाना क्षेत्र में हुए डबल मर्डर के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक करीब 10 लाख रुपये के कर्ज के विवाद को लेकर आरोपी ने कथित तौर पर शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर दो लोगों को पिला दिया। इस घटना में एक पार्षद समेत दो लोगों की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी ने पूछताछ के दौरान खुद को बीमार बताकर अस्पताल में भर्ती होने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए उसे हिरासत में ले लिया।
शराब पीने के बाद बिगड़ी तबीयत
बताया गया कि घटना के बाद दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मामले की जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट की गई थी। इसके बाद घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंची।
कर्ज वसूली का दबाव बनाने की थी साजिश
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी पर करीब 10 लाख रुपये का कर्ज था। आरोप है कि कर्ज चुकाने के दबाव और विवाद के चलते उसने दोनों को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसी साजिश के तहत शराब में जहर मिलाकर पिलाने की बात सामने आई है।
पार्षद रामखिलावन भी साजिश में शामिल नहीं थे
मामले में मृतक पार्षद रामखिलावन के संबंध में पुलिस ने स्पष्ट किया कि वह कथित साजिश का हिस्सा नहीं थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की और संदिग्धों से पूछताछ की।
अस्पताल में भर्ती होने का किया था नाटक
घटना के बाद मुख्य आरोपी ने खुद को बीमार बताकर अस्पताल में भर्ती होने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस की जांच और पूछताछ में उसके खिलाफ महत्वपूर्ण सुराग सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
सीएसपी से सिम कराया गया रेफर
मामले में पुलिस ने वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय जांच को भी महत्वपूर्ण माना है। शराब पीने के बाद जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका को देखते हुए संबंधित नमूनों और रिपोर्ट की जांच कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना के पीछे कर्ज, विवाद और कथित साजिश की पूरी कड़ी को जांच के जरिए सामने लाया जा रहा है।


