कोरबा जिले के ग्राम पंचायत करूंमुहा के उचित मूल्य विक्रय केन्द्र (दुकान क्रमांक 552001043) पर हितग्राहियों को घटिया क्वॉलिटी का चावल मिलने की शिकायत जोर पकड़ रही है।
सोसायटी संचालक लक्ष्मी नारायण खांडे ने मीडिया टीम को खुद दिखाया कि सरकारी आपूर्ति का चावल कंकड़, टुकड़े और धान से भरा पड़ा है। उन्होंने कहा – “ऐसे चावल को खाने से लोग मजबूरी में या तो उसे बेच रहे हैं या फिर छाँटकर काम चला रहे हैं।”
यही नहीं, जब मीडिया ने अन्य उचित मूल्य दुकानों पर हितग्राहियों और विक्रेताओं से बात की, तो हर जगह एक जैसी शिकायतें सामने आईं। सवाल उठता है कि जब शासन गरीब परिवारों के लिए मुफ़्त और बेहतर गुणवत्ता का चावल देने की योजना चला रहा है, तो बीच में ऐसा घटिया चावल कैसे पहुँच रहा है?
ग्रामीणों का कहना है कि यह न केवल शासन की योजनाओं की मंशा पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि गरीब हितग्राहियों के स्वास्थ्य से भी सीधा खिलवाड़ है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि –
👉 क्या प्रशासन इस घोर लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों और मिलरों पर कार्रवाई करेगा?
👉 या फिर गरीब जनता यूँ ही कंकड़ और धान वाला चावल खाने को मजबूर रहेगी? बने रहिये SN इंडिया न्यूज़ के साथ


