✍ Reported By Mr pradeep Rao
सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना के कोरबा एसईसीएल कॉलोनी के रहवासी कर्मचारियों और उनके परिजनों को लंबे समय से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही हैं। जानकारी के अनुसार कई परिवारों के सदस्य पेट और त्वचा संबंधी बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। एसईसीएल प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप लगाते हुए कहना है कि मुख्य महाप्रबंधक की लापरवाही के कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है। बताया जा रहा हैं की पानी की शुद्धिकरण प्रक्रिया में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्री को प्रबंधन द्वारा समय पर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिसके चलते कॉलोनी में गंदे और अस्वच्छ पानी की आपूर्ति हो रही हैं।
इस गंभीर समस्या को लेकर कॉलोनीवासियों एवं पार्षद शैलेंद्र सिंह पप्पी और सुशील गर्ग ने प्रबंधन को शिकायतें सौंपी गयी हैं। शिकायत के बाद प्रबंधन ने दो दिन में समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन हफ्तों बीत जाने के बाद भी पानी की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं किया गया।
कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया है कि प्रबंधन की उदासीनता और गैरजिम्मेदार रवैये के कारण कर्मचारी परिवारों को रोज़ाना दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। पार्षदों के निरंतर प्रयासों और याद दिलाने के बावजूद अब तक साफ पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही स्वच्छ जल आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी


