कोरबा | पोंडी उपरोड़ा विकासखंड
धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ प्रदेश में छत्तीसगढ़ शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के अंतर्गत इस समय धान खरीदी का कार्य पूरे प्रदेश में सुव्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में कोरबा जिले के पोंडी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ऐतिहासिक ग्राम तुमान का धान उपार्जन (संग्रहण) केंद्र आज किसानों के लिए भरोसे, सुविधा और पारदर्शिता का प्रतीक बनकर उभरा है।
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में किसानों से ₹2369 प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर टोकन प्रणाली के माध्यम से धान खरीदी की जा रही है। इस व्यवस्था से किसानों को न केवल समय पर धान बेचने का अवसर मिल रहा है, बल्कि पूरी प्रक्रिया सरल, सुव्यवस्थित और परेशानी-मुक्त भी बनी हुई है।

प्रशासनिक निगरानी से सुदृढ़ व्यवस्था
तुमान धान उपार्जन केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान वे स्वयं किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं, सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हैं तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान करते हैं। उनके सक्रिय निरीक्षण और सतत निगरानी से केंद्र की व्यवस्थाएं और अधिक मजबूत हुई हैं।
आंकड़े खुद बयां कर रहे हैं सफलता
अब तक तुमान धान संग्रहण केंद्र में 280 किसानों से कुल 17,052.80 क्विंटल धान की सफल खरीदी की जा चुकी है। यह आंकड़ा न केवल केंद्र की कार्यक्षमता को दर्शाता है, बल्कि किसानों के बढ़ते विश्वास का भी प्रमाण है। टोकन कटने के पश्चात हल्का पटवारी द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाती है, इसके बाद ही किसान धान उपार्जन केंद्र में धान विक्रय के लिए पहुंचते हैं, जिससे पूरी व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी बनी रहती है।

किसानों का सकारात्मक अनुभव
धान उपार्जन केंद्र में उपस्थित किसानों से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। धान तौल, भुगतान प्रक्रिया, बैठने की व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह व्यवस्थित हैं। साथ ही केंद्र में कार्यरत कर्मचारियों का व्यवहार भी सहयोगात्मक और संवेदनशील है, जिससे किसानों को सम्मान और संतोष का अनुभव हो रहा है।
अन्य केंद्रों के लिए बना उदाहरण
पोंडी उपरोड़ा विकासखंड के अंतर्गत आने वाला तुमान धान उपार्जन केंद्र आज एक आदर्श केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। यहां शासन की मंशा के अनुरूप न केवल धान खरीदी सुचारू रूप से हो रही है, बल्कि किसानों का विश्वास भी लगातार मजबूत हो रहा है।
कुल मिलाकर, तुमान धान उपार्जन केंद्र प्रशासनिक सजगता, जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका और कर्मचारियों की जिम्मेदारी का ऐसा उदाहरण है, जो निश्चित रूप से अन्य धान उपार्जन केंद्रों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।



