कोरबा
वन मंडल कटघोरा के केंदई रेंज में करंट से मादा भालू और दो शावकों की मौत के बाद वन विभाग और बिजली विभाग में ठन गई है। वन विभाग ने मामले में लाइनमैन को दोषी बताते हुए गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं रेंजर ने जंगल के बीच से गुजरी 11 केवी लाइन को ही अवैध बता दिया है। कर्मचारी यूनियन ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। केंदई रेंज के सखोदा बीट के सलईगोट जंगल में गुरुवार को मादा भालू के साथ दो शावकों का शव मिला था। तीनों की मौत 11 केवी बिजली तार टूटने के बाद चपेट में आने से हुई थी। मामले में वन विभाग ने लाइनमैन रामप्रताप सरोठिया को दोषी बताते हुए गिरफ्तार कर लिया है।
दूसरी ओर रेंजर अभिषेक दुबे ने कटघोरा डीएफओ को पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि बिजली लाइन बिना अनुमति के स्थापित की गई है। इस प्रकरण में वन संरक्षण अधिनियम 1980 का उल्लंघन हुआ है। इसलिए संबंधित पारेषण कंपनी के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। वहीं लाइनमैन की गिरफ्तारी पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने नाराजगी जताई है। कलेक्टर को पत्र लिखकर गलत तरीके से आरोपी बनाने का आरोप लगाया है।उनका कहना है कि बिजली लाइन के ऊपर पेड़ का डाल गिरने से यह घटना हुई है। यह वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही है।
इस मामले में डीएफओ और रेंजर में निष्पक्ष जांच नहीं की है। तार टूटने की सूचना पर पहुंचे लाइनमैन ने फोटो और वीडियो बनाए थे। इसे वन विभाग के अधिकारियों ने डिलीट करा दिया है। वन विभाग के अधिकारी अपनी गलती िछपाने के लिए बिजली कर्मचारी को बलि का बकरा बना रहे हैं। ^बिजली लाइन बिछाने जिम्मेदार कर्मी नहीं है। सूचना पर सुधार करते हैं। भालुओं की मौत वन विभाग की लापरवाही से हुई है। निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे। बिजली बंद होने पर वन विभाग जिम्मेदार होगा। अनिल द्विवेदी, प्रांताध्यक्ष, कर्मचारी जनता यूनियन ^करंट से भालुओं की मौत हुई है। बिजली लाइन बिछाने अनुमति के संबंध में दस्तावेज की मांगा है। नहीं देने पर बिजली लाइन हटा सकते हैं। दोषियों पर कार्रवाई होगी। कुमार निशांत, डीएफओ वन मंडल कटघोरा।



