जिले के खरमोरा गोकुल नगर वार्ड क्रमांक 35 में शासकीय जमीन को किया गया कब्जा चला रहे अपना व्यवसाय कोरबा जिले में रसूखदारों की बढ़ रही मनमानी
यदि कोई गरीब परिवार अपने जीवन निर्वाह के लिए छोटा सा मकान या दुकान बना लेता है तो उसे तोड़ने के लिए नगर निगम तहसीलदार अपने तोड़ू दस्ता के साथ पहुंच जाते हैं लेकिन यदि कोई बड़ा रसूखदार यह कार्य करता है तो विभागीय अधिकारियों के हाथ पांव फूल जाते हैं
यदि ऐसा नहीं है तो जिम्मेदार अधिकारी इस जगह पर आए और इस जगह को बेजा कब्जा मुक्त करें जहां बड़े पैमाने पर जमीन कब्जा की गई है और वही पास में जो फैक्ट्रियां हैं उससे निकलने वाली जहरीले धुएं से लोगों की जान बचाएं
यदि वार्ड पार्षद इस ओर ध्यान देते तो यह बड़े पैमाने पर जो शासकीय भूमि की खरीदी बिक्री या बेजा कब्जा का जो खेल चल रहा है
उसे पर अंकुश लगाई जा सकती थी लेकिन यह भी कहा जा सकता है कि पार्षद की मौन सहमति हो सकती है जहां क्षेत्र में चल रहे शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा का कार्य उसने पार्षद की भी शल्यता हो सकती है






