पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में डॉक्टर, नर्स और बिचौलिए शामिल थे, जो मासूम बच्चों को लाखों रुपये में बेचने का काम करते थे। अब तक इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ताजा कार्रवाई में सीतापुर और लखीमपुर से जुड़े दो डॉक्टरों तथा बरेली के एक मेडिकल कॉलेज की नर्स को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चों की कथित तौर पर करीब 5 लाख रुपये में खरीद-फरोख्त की जाती थी। मामले की जांच एक डेढ़ साल के बच्चे के अपहरण की घटना से शुरू हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस गिरोह का संबंध अवैध गर्भपात और नवजात शिशुओं की तस्करी से भी हो सकता है। पुलिस इस एंगल से भी गहन जांच कर रही है और रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।






